
नई दिल्ली, 4 सितंबर . सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी की बैठक को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पोलित ब्यूरो की बैठक महीने या डेढ़ महीने में एक बार होती है. इसमें देश के मौजूदा राजनीतिक हालात का जायजा लिया जाता है और विश्लेषण किया जाता है.
उन्होंने कहा कि संसद का पिछला सत्र पूरी तरह से धुल गया था. विपक्ष जिन मुद्दों को उठाना चाहता था, सत्ताधारी पार्टी उन पर चर्चा करने को तैयार नहीं थी. अब सुनने में आ रहा है कि सत्ताधारी पार्टी के मन में कुछ एजेंडे के साथ विशेष सत्र बुलाने की संभावना है. इसलिए हम समग्र स्थिति का जायजा लेंगे और आने वाले दिनों में जो भी राजनीतिक घटनाक्रम होंगे, उनका सामना करने के लिए खुद को तैयार करेंगे.
जीडीपी ग्रोथ रेट को लेकर एमए बेबी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि जिस तरह से जीडीपी ग्रोथ रेट को पेश किया जा रहा है, उसकी पोल तो खुद पूर्व वित्त सचिव ने ही खोल दी है. इसके अलावा कई अर्थशास्त्री भी सामने आ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि एक कहावत है कि आप आंकड़ों से कुछ भी कर सकते हैं. आप आंकड़ों का इस्तेमाल कैसे करते हैं, यह सबसे महत्वपूर्ण बात है. जीडीपी के आंकड़ों के जरिए जो अद्भुत ग्रोथ रेट दिखाई जा रही है, वह हेरफेर वाला अकाउंटिंग है. आने वाले दिनों में इस बारे में और भी जानकारी सामने आएगी. पोलित ब्यूरो में भी हम इस पर चर्चा करेंगे और बैठक के बाद हमारे विज्ञप्ति में जीडीपी में तथाकथित उछाल और सीपीआई (एम) इसे कैसे देखती है, इस पर हमारा पक्ष सामने आएगा. यह आपको एक-दो दिन में मिल जाएगा.
एमए बेबी ने कहा कि भाजपा को झटका लगा है. जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में छात्रों को जीत मिली, फिर सरकार उससे पीछे हटने की कोशिश करने लगी. समझौतों में से एक यह था कि छात्रों पर लगाए गए सभी फर्जी मामले वापस लिए जाएंगे, जो शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे. फिर सरकार उस प्रस्ताव से मुकर गई.
उन्होंने बताया कि इसके बाद छात्र संगठनों ने कहा कि हम इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे और 5 सितंबर को प्रदर्शन करेंगे. इसके तुरंत बाद सरकार को Supreme Court जाना पड़ा और Supreme Court से अनुरोध करना पड़ा कि कृपया सभी मामले वापस लेने का फैसला लें, क्योंकि मामला कोर्ट में चला गया था.
एमए बेबी ने कहा कि भाजपा बैकफुट पर है. बिहार के बांकीपुर में उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा. लोग भाजपा और कांग्रेस को समझ रहे हैं. आरएसएस और भाजपा की रणनीति काम नहीं करने वाली है. छात्रों और युवाओं ने ऐलान किया है कि हम निडर हैं, हमें कोई हिचकिचाहट नहीं है. इसलिए देश में एक नई राजनीतिक स्थिति उभरी है, जो धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के लिए अच्छी होगी. हम इस राजनीतिक स्थिति को लेकर बहुत आशावादी हैं.
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वीकेयू/पीएम