
वॉशिंगटन, 5 सितंबर . अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और अदालत के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है. संघीय जिला जज इंदिरा तलवानी ने अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) को मेल-इन और डाक मतपत्रों से जुड़े ट्रंप प्रशासन के नए प्रतिबंध लागू करने से रोकने के लिए प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी की है.
यह मामला ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश से जुड़ा है, जिसके तहत डाक से भेजे जाने वाले मतपत्रों की प्रक्रिया में कई नए नियम लागू किए जाने थे. इनमें राज्यों से ‘मेल-इन वोटिंग’ पाने वाले मतदाताओं की सूची पहले से जमा कराने और मतपत्रों पर विशेष बारकोड तथा निर्धारित डिजाइन लागू करने जैसी शर्तें शामिल थीं. नियमों का पालन नहीं करने वाले मतपत्रों की डिलीवरी प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी.
एबीसी न्यूज के अनुसार जज तलवानी ने कहा कि मामला अब काल्पनिक नहीं है, क्योंकि नवंबर के चुनाव के लिए कई राज्यों में मतपत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अदालत के मुताबिक, इस समय नियमों में फेरबदल से मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर गंभीर असर पड़ सकता है.
यह फैसला ट्रंप प्रशासन और राज्यों के बीच चुनावी अधिकारों को लेकर चल रही लंबी कानूनी लड़ाई का नया अध्याय है. प्रशासन ने अदालत के आदेश को चुनौती दी है और अमेरिकी Supreme Court से नए प्रतिबंधों को बहाल करने की मांग की है. राज्यों को इस अपील पर जवाब देने के लिए 8 सितंबर तक का समय दिया गया है.
इससे पहले 24 अगस्त को Supreme Court ने निचली अदालत की शुरुआती रोक में से एक को हटाते हुए यूएसपीएस को नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता दिया था. हालांकि, उस समय Supreme Court ने नियमों की संवैधानिक वैधता पर अंतिम फैसला नहीं दिया था.
इस बीच, उत्तरी कैरोलिना में 2026 के मध्यावधि चुनाव के लिए डाक मतपत्र मतदाताओं को भेजे जाने शुरू हो चुके हैं. ऐसे में अदालतों के लगातार बदलते आदेशों ने चुनाव अधिकारियों के सामने प्रक्रिया को लेकर अतिरिक्त चुनौती पैदा कर दी है.
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केआर/