
नई दिल्ली, 5 सितंबर . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में भाग लिया. यह समारोह एसआरसीसी के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है.
यह कार्यक्रम शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था और प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो से उत्तरी परिसर पहुंचने के बाद छात्रों, पूर्व छात्रों और संकाय सदस्यों को संबोधित किया.
उन्होंने आखिरी बार 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में इस महाविद्यालय का दौरा किया था. तेरह साल बाद, वे प्रधानमंत्री के रूप में लौटे और मेट्रो से यात्रा करते हुए छात्रों, बच्चों और सहयात्रियों से बातचीत की. अनौपचारिक बातचीत के वीडियो तुरंत व्यापक रूप से प्रसारित हो गए. समारोह की शुरुआत में, प्रधानमंत्री मोदी ने शताब्दी के उपलक्ष्य में 100 रुपए का स्मृति चिन्ह जारी किया.
इससे पहले, अप्रैल 2026 में, उन्होंने अपने आवास पर एसआरसीसी गवर्निंग बॉडी के साथ एक बैठक के दौरान संस्थान के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष डाक टिकट जारी किया था.
इस कार्यक्रम से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया था कि वे शाम 7 बजे प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में उपस्थित रहेंगे और इसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता, संस्थान निर्माण और व्यापार, सार्वजनिक जीवन और समाज में नेताओं को तैयार करने में इसकी भूमिका की प्रशंसा की थी.
समारोह में भारत के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एसआरसीसी के अमिट योगदान को उजागर किया गया.
अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने पूर्व छात्रों के नाम लेकर शुरुआत की और कहा, “मैं छठा खिलाड़ी हूं. आज का अवसर ऐतिहासिक है. यह देश के शिक्षा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है. एसआरसीसी से जुड़ी कई पीढ़ियां यहां से जुड़ी हुई हैं.”
उन्होंने कॉलेज के संस्थापक, उद्योगपति और परोपकारी सर श्री राम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “मैं कॉलेज के संस्थापक सर श्री राम जी को भी धन्यवाद देता हूं. जब कोई व्यक्ति 100 वर्ष का जीवन जीता है, तो उसके अनुभव धन का सागर माने जाते हैं. और जब कोई संस्थान ऐसा करता है, तो वह उपलब्धियों का सागर बन जाता है.”
सर श्री राम द्वारा 1926 में स्थापित, एसआरसीसी ने वाणिज्य, अर्थशास्त्र और प्रबंधन शिक्षा के लिए भारत के अग्रणी केंद्रों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई है. एक शताब्दी से अधिक समय में, इसने विद्वानों, पेशेवरों, प्रशासकों, उद्यमियों, नीति निर्माताओं और राष्ट्र निर्माताओं की कई पीढ़ियों को तैयार किया है.
शताब्दी समारोह में वर्तमान छात्र, पूर्व प्रधानाचार्य, संकाय सदस्य और पूर्व छात्र एक साथ आए, जिससे महाविद्यालय की बहु-पीढ़ीगत विरासत का पता चलता है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे.
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एमएस/