
लखनऊ, 5 सितंबर . समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी, सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने, एसआईआर, नीट छात्रों के प्रदर्शन और महिलाओं की सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर Supreme Court की टिप्पणी का स्वागत किया. मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता के बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को आगे बढ़ा रही है.
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर मेहरोत्रा ने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र और युवा कथित पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. उस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ दुर्व्यवहार हुआ. लोकतंत्र में छात्रों और विपक्ष को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार है. भारद्वाज की गिरफ्तारी को उचित बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को धमकी देने या उनके खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए.
सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने को लेकर सपा विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता का ध्यान महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दों से हटाना चाहती है. स्कूल बंद होने और अन्य जनसमस्याओं को लेकर जनता में नाराजगी है. आगामी चुनावों को देखते हुए सरकार धार्मिक मुद्दों के जरिए समाज में तनाव और नफरत का माहौल पैदा करना चाहती है. उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव का मन बना चुकी है.
जेन-जी के प्रदर्शनों को लेकर भाजपा नेता राम माधव की टिप्पणी पर मेहरोत्रा ने कहा कि लोकतंत्र में छात्र-युवा और विपक्ष सरकार के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं. इस अधिकार पर हमला होने पर उनकी पार्टी विरोध करेगी. मेहरोत्रा ने जंतर-मंतर की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना हुई है.
एसआईआर को लेकर मेहरोत्रा ने कहा कि उन्हें प्रक्रिया से सिद्धांततः आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए. उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 89 लाख लोगों के नाम काटे गए. इसमें पीडीए वर्ग के लोगों को विशेष रूप से प्रभावित किया गया. चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उसका दायित्व प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में बनाए रखना है. उन्होंने एसआईआर पर पूर्व चुनाव आयुक्त जगदीप सिंह छोकर की टिप्पणी का स्वागत किया.
प्रधानमंत्री की शिक्षकों से किताबों और पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर बच्चों के जीवन से जुड़ने की अपील पर मेहरोत्रा ने कहा कि सरकार को केवल भाषण देने के बजाय शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल बंद होने से वहां काम करने वाले शिक्षक प्रभावित हुए हैं. सरकार की नीतियों से शिक्षा और रोजगार दोनों प्रभावित हो रहे हैं.
झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले पर सपा विधायक ने कहा कि माओवादी हमले में शामिल लोगों के खिलाफ अदालत ने कार्रवाई की है. उन्होंने भाजपा के उस दावे पर सवाल उठाया कि देश से माओवाद समाप्त हो चुका है. मेहरोत्रा ने कहा कि एक ओर माओवाद खत्म होने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर पुराने मामले में दोषियों के खिलाफ अदालत का फैसला सामने आया है.
महिलाओं की भागीदारी पर भाजपा की कांग्रेस की आलोचना को लेकर मेहरोत्रा ने पलटवार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और सरकार अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय कांग्रेस को दोष देती है. भाजपा को महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए.
जंतर-मंतर पर नीट छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के कथित व्यवहार पर Supreme Court के न्यायमूर्ति उज्ज्वल भूयान की टिप्पणी का मेहरोत्रा ने स्वागत किया. उन्होंने इसे महत्वपूर्ण और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा कदम बताया. मेहरोत्रा ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया. Supreme Court की निगरानी और न्यायपालिका की भूमिका से संविधान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा में मदद मिलती है.
ओवैसी द्वारा सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई पर उठाए गए सवालों के संदर्भ में मेहरोत्रा ने राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी दोहराए. उन्होंने दावा किया कि उन मामलों में कार्रवाई नहीं हुई, जबकि दूसरी ओर धार्मिक स्थल को लेकर कार्रवाई की गई. ये सभी आरोप मेहरोत्रा के राजनीतिक दावे हैं.
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पीएसके/डीकेपी