तेलंगाना में एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश: सीएम रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, 7 सितंबर . तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने सोमवार को आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान राज्य में एक करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रची जा रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर भाजपा विरोधी वोटों को हटाने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना था कि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अल्पसंख्यक समुदायों के वोटों को निशाना बनाया जा रहा है.

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी हाल ही में निधन हुए कम्युनिस्ट नेता सरमपल्ली मल्ला रेड्डी को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने के लिए सभी गैर-भाजपा दलों को एकजुट होने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, “लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने में असफल रहने के कारण वे नई-नई रणनीतियां अपना रहे हैं. भाजपा नेता खुले तौर पर कह रहे हैं कि वे तेलंगाना में वही करेंगे जो पश्चिम बंगाल में किया गया. वे व्यवस्थित तरीके से भाजपा विरोधी वोटों को हटा रहे हैं.”

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा निजी एजेंसियों के जरिए सर्वे करा रही है और योजनाबद्ध तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) एसआईआर को लेकर एक शब्द भी नहीं बोल रही है. उन्होंने कहा कि वामपंथी दलों को यह समझना चाहिए कि इसके पीछे किस तरह की समझदारी या सहमति काम कर रही है.

मुख्यमंत्री ने गरीबों और अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट दल लंबे समय से गरीबों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे हैं और लाल झंडा देखकर गरीबों को भरोसा मिलता है. उन्होंने वामपंथी दलों से गरीबों और अल्पसंख्यकों के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयास करने की अपील की.

रेवंत रेड्डी ने कहा कि कम्युनिस्टों ने भूमिहीन गरीबों के लिए उचित मजदूरी की लड़ाई लड़ी थी और कांग्रेस पार्टी ने न्यूनतम मजदूरी अधिनियम लागू किया था.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 24.56 लाख एकड़ आवंटित भूमि का वितरण किया. मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में 10 लाख एकड़ भूमि आदिवासियों के पास है. उन्होंने कहा कि यह कम्युनिस्टों के संघर्षों के प्रति कांग्रेस का जवाब है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मनरेगा (रोजगार गारंटी अधिनियम) के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया, खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया और कम्युनिस्टों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का समाधान किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरमपल्ली मल्ला रेड्डी ने अपना पूरा जीवन किसानों के हितों के लिए समर्पित किया और उनका निधन किसान समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है.

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं की समझ और उन्हें प्रभावशाली तरीके से उठाने की क्षमता में मल्ला रेड्डी का कोई मुकाबला नहीं था. उन्होंने याद किया कि दिवंगत नेता ने बटाईदार किसानों के अधिकारों और फसलों के लाभकारी मूल्य के लिए जोरदार संघर्ष किया था.

सीएम रेवंत रेड्डी ने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार मल्ला रेड्डी द्वारा लिखी गई पुस्तकों और उनके विचारों को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में चर्चा के बाद सरकार यह तय करेगी कि मल्ला रेड्डी की स्मृति को स्थायी रूप से कैसे सम्मानित किया जाए.

एएमटी/डीकेपी