
दिल्ली, 7 सितंबर . रिटायर्ड कर्नल रोहित देव ने कांग्रेस प्रवक्ता रीतम सिंह की उस बात पर ऐतराज जताया है, जिसमें उन्होंने पूर्व सैनिकों को मीडिया और राजनीति से दूर रहने की सलाह दी है. न्यूज एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि रीतम सिंह ने सोशल मीडिया पर बचकानी और अपमानजनक हरकत की है. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना देश का सबसे अनुशासित संगठन है और उस पर तख्तापलट जैसी भड़काऊ टिप्पणी करना बेहद निंदनीय है.
कर्नल रोहित देव (रिटायर्ड) ने कहा, “पहले मुझे नहीं पता था कि ये किसी पार्टी के प्रवक्ता हैं. एक प्रवक्ता होने के नाते जो जिम्मेदारी दिखानी चाहिए, वो इनमें नहीं है. उन्होंने सोशल मीडिया पर बहुत ही बचकानी हरकत की है. ये यहां पर रुके नहीं, अपनी बदतमीजी की पराकाष्ठा दिखाई है. सेना को जो वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं, उन्हें लेकर अपमानजनक तरीके से पोस्ट कर रहे हैं. इन्होंने एक्स पर जो बयानबाजी की है, उसका खंडन करना चाहता हूं.”
कर्नल रोहित देव (रिटायर्ड) ने कहा कि रीतम सिंह के पोस्ट के पहले हिस्से में कहा गया कि फौज को सब्सिडी में शराब मिलती है. मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि जब बड़े पैमाने पर अर्थव्यवस्था काम करती है और काफी डिमांड होती है, तो किसी भी चीज के प्रोड्यूसर उसे डिस्काउंटेड रेट पर बेचते हैं, जरूरी नहीं कि सब्सिडी वाले रेट पर. इसलिए पहले आर्मी के स्केल को समझें.
उन्होंने कहा कि इन्हें तो यह भी नहीं पता है कि देश में फौज की तादाद क्या है. ये बोलते हैं कि फौज इस तरह से चली तो इसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान के हिसाब से तख्तापलट हो जाएगा देश में. पहली बात कि बांग्लादेश (सेना) में कोई तख्तापलट नहीं हुआ. दूसरा, ये ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो भड़काऊ है. हमारे देश की सबसे अनुशासित संगठन भारतीय सेना है. उस पर ऐसा आरोप लगाना कि पूर्व सैनक या फौज मिलकर तख्तापलट कर देंगे. ये काफी खंडनीय विषय है.
कर्नल रोहित देव (रिटायर्ड) ने कहा कि तीसरा ये कहते हैं कि हम पूर्व सैनिक जब फौज में थे, तो हमने कुछ प्रोपेगेंडा करके अपने सैनिकों की टुकड़ी को हमले करने के लिए प्रेरित करते थे. हम कोई राजनीतिक दल नहीं हैं कि हमें ये सब करना पड़े. हम इस देश के आम नागरिक हैं, जो स्वाधीनता और अखंडता पर काफी नाज करते हैं. हमारे सैनिकों को भी देश पर गर्व है और जान देने के लिए तैयार रहते हैं. फौजी दस्तूर और उनकी नैतिकता का खंडन इस तरह न करें.
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केके/वीसी