सत्य निकेतन हादसा: गम के बीच दो परिवारों ने दिखाई इंसानियत, मृतकों का कॉर्निया किया डोनेट

नई दिल्ली, 7 सितंबर . दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया. इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 5 छात्र और 2 मजदूर शामिल हैं. ये सभी छात्र सत्य निकेतन इलाके में रहकर पढ़ाई करते थे. सभी मृतकों को दिल्ली एम्स के जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया था.

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के अनुसार, इस हादसे में घायल 12 लोग ट्रॉमा सेंटर में लाए गए. इनमें से 6 को मृत घोषित कर दिया गया था, जबकि एक मरीज ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा. फिलहाल, 4 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 3 की हालत स्थिर है और 1 की हालत गंभीर बनी हुई है. वहीं, एक मरीज कृष्णा (30 वर्ष) को रविवार को ही डिस्चार्ज कर दिया गया था.

इस बीच दुख की इस घड़ी में दो परिवारों ने इंसानियत की बड़ी मिसाल पेश की है. एम्स की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले सात मृतकों में से दो के परिजनों ने उनके कॉर्निया डोनेट करने का फैसला लिया है. परिजनों के इस फैसले से मृतकों के कॉर्निया जरूरतमंद मरीजों के काम आ सकेंगे और किसी को आंखों की रोशनी मिल सकेगी.

हादसे में अपनों को खोने के बावजूद दोनों परिवारों द्वारा लिया गया यह फैसला समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है. एम्स प्रबंधन ने भी परिजनों के इस कदम की सराहना की है.

एम्स द्वारा जारी सूची के अनुसार, भर्ती मरीजों में 49 वर्षीय मजदूर असगर अली, 19 वर्षीय छात्र नीरज बावा, 19 वर्षीय आदित्य कुमार और 19 वर्षीय नितिश छिब शामिल हैं.

वहीं, मृतकों में 19 वर्षीय छात्र अभिषेक कुमार, 19 वर्षीय छात्र अरपित जाज, 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी, 17 वर्षीय छात्र पवन कुमार, 56 वर्षीय मजदूर सुरेंद्र सिंह, 19 वर्षीय छात्र अक्षत सिंह और 30 वर्षीय मजदूर परम लाल कोरी शामिल हैं. सभी की पहचान उनके परिजनों द्वारा की गई है.

बता दें कि सत्य निकेतन की यह इमारत काफी पुरानी थी और इसमें अवैध रूप से पीजी चलाया जा रहा था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में इमारत मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है.

एससीएच/डीकेपी