मुझे नहीं पता बागेश्वर बाबा कौन हैं, उन्हें बंगालियों के खान-पान पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं : सौगत रॉय

कोलकाता, 8 सितंबर . नवरात्रि के दौरान मांसाहार न करने के बाबा बागेश्वर के बयान समेत कई मामलों पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने अपने विचार साझा किए.

से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि बागेश्वर बाबा कहां से आए हैं या वे कौन हैं. उन्हें बंगालियों के खान-पान पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. जहां तक बंगालियों की बात है, स्वामी विवेकानंद खुद मांस खाते थे. विवेकानंद से बड़ा शायद ही कोई बंगाली संत हुआ हो. इसलिए मैं बागेश्वर बाबा की टिप्पणियों की निंदा करता हूं.”

सौगत रॉय ने कहा, “हम पार्टी के अंदर इस पर चर्चा कर रहे हैं. चुनाव चिह्न को लेकर एक मुद्दा है, क्योंकि चुनाव आयोग ने अभी तक कोई चिह्न आवंटित नहीं किया है. मुझे विश्वास है कि यह मुद्दा सुलझ जाएगा.”

कालीघाट मंदिर को लेकर सौगत रॉय ने कहा कि कालीघाट मंदिर के अध्यक्ष जिला जज हैं. इस बारे में उनको सिद्धांत देना चाहिए.

अभिषेक बनर्जी पर एफआईआर को लेकर हाईकोर्ट की टिप्पणी पर सौगत रॉय ने कहा, “मैं हाईकोर्ट की राय की तारीफ करता हूं. राज्य सरकार की ओर से अभिषेक बनर्जी के खिलाफ प्रतिदिन एफआईआर दर्ज की जा रही है. यह अन्याय है. इसको लेकर हाईकोर्ट की ओर से साफ-साफ निर्देश दिए जाने पर मैं खुश हूं.

दुर्गा पूजा को लेकर मुख्यमंत्री की बैठक पर सौगत रॉय ने कहा, “ममता बनर्जी हर साल ऐसा करती थीं, इसलिए इसमें कुछ भी नया नहीं है. मुख्यमंत्री ने पूजा कमेटियों को दी जाने वाली ग्रांट कम करने का फैसला किया है. छोटी पूजाओं के लिए एक लाख दिए जाएंगे और बड़ी पूजा के लिए कोई ग्रांट नहीं दी जाएगी. बंगाली लोग इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे. ममता बनर्जी की भले निंदा करें, लेकिन वे भी ममता के रास्ते पर चले हैं. डीजे और शराब की दुकानों को बंद करने के लिए मेरा समर्थन है.”

एसडी/वीसी