
गुवाहाटी, 8 सितंबर . कांग्रेस सांसद और लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई ने मंगलवार को मणिपुर के म्यूजिशियन चोंगथम विक्रम सिंह की मृत्यु पर दुख जाहिर किया. विक्रम सिंह ने दक्षिण दिल्ली स्थित अपने आवास के बाहर तेज आवाज में म्यूजिक चलाने पर आपत्ति जताई, तो कथित तौर उन्हें पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया गया.
गोगोई ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर पोस्ट करके सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि पूरा पूर्वोत्तर भारत दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ा है.
सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए गोगोई ने अपने पोस्ट में लिखा, “चोंगथम विक्रम सिंह एक विनम्र व्यक्ति थे. उनमें कोई अहंकार नहीं था, उनका किसी के साथ बैर भी नहीं था. वह एक शांतिप्रिय व्यक्ति थे, जो सिर्फ संगीत से प्रेम करते थे. उन्हें हर कोई पसंद करता था.”
गोगोई ने कहा, “दिवंगत आत्मा को शांति मिले. आपको न्याय मिलेगा. पूरा पूर्वोत्तर भारत आपके परिवार के लिए प्रार्थना कर रहा है.”
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सिंह ने दक्षिण दिल्ली स्थित अपने आवास के बाहर तेज शोर पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद बात हाथापाई तक पहुंच गई. इसके बाद उन्हें पीटा गया, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया.
कांग्रेस नेता की टिप्पणी ने सिंह के व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए संगीत के क्षेत्र में दिए उनके योगदान को भी सराहा. गोगोई ने उन्हें एक शांतिपूर्ण व्यक्ति बताया और कहा कि वो बैर-भाव से दूर रहते थे और सिर्फ कला के लिए जीते थे.
इस हादसे के बाद मणिपुर समुदाय के साथ पूरे पूर्वोत्तर भारत के लोगों में शोक है. लोग म्यूजिशियन के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस पूरे मामले की सही से जांच होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर किन परिस्थितियों में म्यूजिशियन की मौत हुई थी?
पुलिस अब अपनी जांच के तहत यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हमले के पीछे पूरा घटनाक्रम क्या रहा है. इसमें सिंह के घर के बाहर संगीत को लेकर विवाद भी शामिल है. पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जो लोग भी इस हमले में शामिल थे, उनकी भूमिका क्या थी?
इस हादसे के बाद से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ रही है. लोग सिंह के परिजनों के प्रति सांत्वना व्यक्त करते हुए नजर आ रहे हैं और इस मामले में जवाबदेही भी तय करने की मांग कर रहे हैं.
वहीं, इस मामले में जांच के संबंध में अतिरिक्त जानकारियों का इंतजार किया जा रहा है, जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करना शामिल है.
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एसएचके/एएस