कांग्रेस ने बंगाल में जिंदा होने का सबूत देने के लिए दर्ज कराई धीरेंद्र शास्त्री पर एफआईआर : दिलीप घोष

कोलकाता, 9 सितंबर . बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ पश्चिम बंगाल की कांग्रेस की पुलिस शिकायत पर राज्य सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिंदा है, इसको साबित करने के लिए पार्टी ने एफआईआर कराई है.

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से पश्चिम बंगाल में मांसाहारी भोजन और उसकी बिक्री पर रोक लगाने की अपील को लेकर दिलीप घोष ने कहा, “उन्होंने अपनी राय रखी है. अगर कोई इससे सहमत है, तो वह इसे मानेगा. इस देश में 50 प्रतिशत से अधिक लोग शाकाहारी हैं. यहां भी, अनुकूल जी ठाकुर के सभी अनुयायी शाकाहारी हैं और उनकी काफी अधिक संख्या है.”

दिलीप घोष ने कहा कि यहां (पश्चिम बंगाल) सदियों से बहुत से लोग मांसाहारी रहे हैं और मछली खाते हैं. भगवान ने यह सब दिया है और यह बिना किसी टकराव के स्वाभाविक रूप से चलता आ रहा है. टीएमसी ने भी इस विषय को सामने उठाया था. अभी बंगाल में किसी के खाने को लेकर पाबंदी नहीं है.

घोष ने कहा, “जो लोग रोजाना मांसाहारी भोजन करते हैं, उन्होंने भी सप्ताह में शाकाहारी खाने के लिए एक दो दिन तय कर रखे हैं. यह एक व्यक्तिगत विषय है.”

बता दें कि धीरेंद्र शास्त्री की मांसाहारी भोजन और उसकी बिक्री पर रोक लगाने की अपील के बाद कांग्रेस ने भवानीपुर थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है.

वहीं, दिलीप घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ हालिया मुलाकात पर कहा, “दुनिया भर में भारत का कद बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने जिनपिंग और पुतिन के साथ बातचीत की है. अगर ये तीनों बड़ी ताकतें मिलकर काम करती हैं, तो इससे दुनिया में विस्तारवादी और साम्राज्यवादी दबदबे से राहत मिलेगी, जिसकी वजह से कई देशों को परेशानी हुई है. यह सहयोग जरूरी है और एशिया की अर्थव्यवस्था दुनिया पर छा जाएगी.”

इसी बीच, दिलीप घोष ने प्रधानमंत्री की फिटनेस और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री 76 साल के हैं और इतने फिट हैं कि उन पर फिटनेस के बारे में बात करना अच्छा लगता है. इसीलिए ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ चलाया जा रहा है. यह अच्छी बात है और युवा पीढ़ी को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए. उन्हें सिर्फ पैसे के पीछे नहीं भागना चाहिए. उन्हें अपनी फिटनेस पर भी ध्यान देना चाहिए. प्रधानमंत्री खुद इस पहल को आगे बढ़ा रहे हैं.”

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