
नई दिल्ली, 9 सितंबर . भारतीय वायुसेना का आठवां विमान बुधवार को 35 टन राहत और बचाव सामग्री लेकर नई दिल्ली से काठमांडू भेजा गया. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इसकी जानकारी दी. नेपाल 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ से उबरने की कोशिश कर रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही हुई है, 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं.
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक्स पर कहा, “भारत अपने राहत और बचाव कार्य जारी रखे हुए है. एनडीआरएफ के उपकरण, बचाव का सामान, फोरेंसिक का सामान और सेना की टीम के लिए जरूरी चीजों समेत 35 टन राहत और बचाव सामग्री लेकर आईएएफ का आठवां विमान काठमांडू के लिए रवाना हो गया.”
प्राकृतिक आपदा के बाद से ही भारत लगातार नेपाल को हरसंभव मदद पहुंचा रहा है. मंगलवार को एक सवाल के जवाब में एमईए ने इसकी जानकारी दी थी.
नई दिल्ली में हर दो हफ्ते में होने वाली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय (एमईए) प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया था कि भारत ने अब तक सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है. इसके साथ ही नेपाल के राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें भी तैनात की गई हैं.
जायसवाल ने कहा, “हमने नेपाल के लोगों और सरकार के प्रति एकजुटता और सहानुभूति जाहिर की है, और हम इस आपदा में उनकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. एक करीबी मित्र और पड़ोसी के तौर पर, भारत ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया और आगे भी नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों में मदद करना जारी रखेगा. हमने सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है, और कुछ और सामग्री जल्द ही वहां भेजी जाएगी. हमारी फोरेंसिक टीम और हमारी टनल रेस्क्यू टीम, दोनों टीमें जमीन पर काम कर रही हैं. वे बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रही हैं.”
उन्होंने बताया, “फोरेंसिक टीम अभी काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में काम कर रही है, जहां वे इन दो प्रयोगशालाओं में 1200 डीएनए नमूनों पर काम कर रहे हैं. हम नेपाल की जरूरत के हिसाब से उनकी मदद करना जारी रखेंगे. जैसा कि मैंने पिछली बार बताया था, इस आपदा में 275 भारतीय नागरिक लापता हैं. अब तक 169 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है. और जिन 275 लापता भारतीय नागरिकों का मैंने जिक्र किया, उनमें वे चीन की तरफ के 49 लोग भी शामिल हैं.”
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केआर/