रहाणे की चाहत, अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन को मिले वैभव पर तरजीह

नई दिल्ली, 11 सितंबर . भारत के पूर्व बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे का मानना ​​है कि टीम मैनेजमेंट को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की उस टॉप-तीन जोड़ी पर ही भरोसा बनाए रखना चाहिए, जिसने टी20 वर्ल्ड कप जिताया था..

इसके साथ ही रहाणे ने कहा कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी आगे चलकर मौके जरूर मिलेंगे. संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया था और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था. हालांकि, इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और कुछ खराब पारियों के कारण उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया. उसी इंग्लैंड दौरे के दौरान मैनचेस्टर में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया.

जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन को टीम में जगह नहीं मिली थी. उस सीरीज में उनकी जगह युवा बल्लेबाज सूर्यवंशी ने ओपनिंग की थी. हालांकि, अब सैमसन की भारतीय टीम में वापसी हो गई है. उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज के लिए फिर से टीम में शामिल किया गया है. यह सीरीज रविवार से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शुरू होगी.

रहाणे ने शुक्रवार को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में कहा, “मुझे लगता है कि टॉप तीन वही होने चाहिए जो वर्ल्ड कप में खेले थे. सैमसन ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन दो-तीन खराब पारियों के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया था. मैं चाहता हूं कि उन्हें एक और मौका मिले. अभिषेक और ईशान ने भी हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन किया है.”

उन्होंने आगे कहा, “वैभव को भी मौके मिलेंगे और उनका समय भी आएगा. मगर अभी के लिए मुझे लगता है कि टॉप तीन में सैमसन, अभिषेक और ईशान होने चाहिए, जिन्होंने वर्ल्ड कप में हमारे लिए अच्छा योगदान दिया था.”

टी20 इंटरनेशनल टीम में सैमसन की वापसी का स्वागत करते हुए रहाणे ने कहा, “मैं संजू सैमसन को टीम में वापस देखकर खुश हूं. वह वर्ल्ड कप में ‘मैन ऑफ द सीरीज’ थे. उतार-चढ़ाव आते रहे हैं और उनके साथ ऐसी चीजें हुईं जो उनके कंट्रोल में नहीं थीं. हालांकि, वह मैच-विनर हैं और उनकी वापसी से टीम मजबूत होती है.”

15 साल के सूर्यवंशी को सलाह देते हुए रहाणे ने इस युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज से कहा कि वे अपने करियर की इस शुरुआती स्टेज पर अपनी आक्रामक सोच पर कायम रहें और अपने खेलने के तरीके को बहुत अधिक पेचीदा न बनाएं. “मुझे लगता है कि उन्हें अभी बस अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए. उन्हें उसी खेल पर भरोसा रखना चाहिए जिसकी वजह से उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली. उनके करियर और इंटरनेशनल क्रिकेट के लिहाज से यह अभी शुरुआती दौर है.”

रहाणे ने आगे कहा, “अभी उन्हें ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है, उन्हें आजाद छोड़ देना चाहिए. जैसे-जैसे वह खेलते रहेंगे, दो-तीन साल में उनका खेल अपने आप बदल जाएगा. उनके लिए संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा. क्रिकेट स्किल्स के अलावा, मैदान के बाहर भी संतुलित रहना जरूरी है. यह उनके लिए एक चुनौती होगी.”

घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सूर्यकुमार के शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए रहाणे ने कहा कि इस युवा खिलाड़ी की लंबी अवधि की सफलता के लिए मानसिक स्थिरता बहुत जरूरी होगी. उन्होंने कहा, “अगर हम क्रिकेट स्किल्स की बात करें, तो हमने देखा कि उन्होंने आईपीएल में कितनी अच्छी बल्लेबाजी की और लगातार रन बनाए. उन्होंने इंडिया ए के लिए रन बनाए और दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए भी अच्छा प्रदर्शन किया. वैभव ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. उनके लिए बस मानसिक रूप से संतुलित और स्थिर रहना जरूरी है ताकि वह इसी तरह खेलते रहें. हां, उन्हें अपने खेल में कुछ बदलाव करने होंगे, लेकिन उसके लिए अभी समय है.”

एसएम/