‘भारत-ईरान के ऐतिहासिक रिश्ते और मजबूत हों’, ईरानी राष्ट्रपति के दौरे पर यासूब अब्बास

नई दिल्ली, 11 सितंबर . ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव और प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने दिल्ली के ओबेरॉय होटल में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से प्रस्तावित मुलाकात को लेकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया कि ईरानी दूतावास की ओर से उन्हें राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए आमंत्रित किया गया है. अब्बास ने ईरानी राष्ट्रपति का भारत आगमन पर स्वागत करते हुए भारत और ईरान के बीच पुराने संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता जताई.

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि वह ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव के तौर पर ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे. भारत में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का स्वागत करना उनके लिए महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने ईरान के दिवंगत धार्मिक एवं राजनीतिक नेताओं और संघर्ष में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने की बात कही. उन्होंने ईरान में संघर्ष के दौरान मारे गए बच्चों और अन्य लोगों के प्रति भी श्रद्धांजलि व्यक्त करने की बात कही. साथ ही, अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई को लेकर कड़ी आपत्ति जताई.

अब्बास ने कहा कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और पुराने संबंध रहे हैं. दोनों देशों के बीच ये रिश्ते भविष्य में भी मजबूती के साथ जारी रहने चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और ईरान एक-दूसरे के साथ सहयोग बढ़ाएंगे.

ब्रिक्स सम्मेलन के जरिए भारत और ईरान के संबंधों को मिलने वाले संभावित लाभ पर मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती मिल सकती है. ब्रिक्स में रूस और चीन जैसे प्रमुख देश शामिल हैं, जबकि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की भागीदारी भी इसे व्यापक क्षेत्रीय महत्व देती है. उन्होंने भारत सरकार को ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी के लिए बधाई दी और ईरानी राष्ट्रपति के भारत दौरे का स्वागत किया. अब्बास ने दावा किया कि ऐसे बहुपक्षीय मंच भारत और ईरान समेत विभिन्न देशों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं.

मौलाना यासूब अब्बास ने ईरानी राष्ट्रपति के भारत दौरे को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि ईरान और पश्चिमी देशों के बीच जारी तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति का भारत आना दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाता है. ईरान के सामने मौजूदा परिस्थितियों में कई अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां हैं, ऐसे समय में उसके राष्ट्रपति का भारत दौरा विशेष महत्व रखता है. अब्बास ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार ईरानी राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा और यात्रा को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी.

अब्बास ने आगे कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंध केवल मौजूदा परिस्थितियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संपर्क रहे हैं. वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इन संबंधों को और मजबूत करने की जरूरत है. ईरानी राष्ट्रपति का भारत दौरा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद का अवसर है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरान भारत और ईरान के रिश्तों को आगे बढ़ाने तथा सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर भी चर्चा होगी.

पीएसके