
कोझिकोड, 13 सितंबर हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी की बड़ी हार के बाद सीपीआई (एम) की केरल राज्य समिति रविवार को कोझिकोड में तीन दिन की बैठक शुरू करेगी, जिसमें पार्टी की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति की व्यापक समीक्षा की जाएगी.
सीपीआई एम (एम) के जनरल सेक्रेटरी एम.ए. बेबी पार्टी के जिला कमिटी ऑफिस से जुड़े एकेजी ऑडिटोरियम में बैठक का उद्घाटन करेंगे. उम्मीद है कि इस बैठक में उन राजनीतिक, वैचारिक और संगठनात्मक कारणों पर चर्चा होगी, जिनकी वजह से चुनाव में हार का सामना करना पड़ा और पार्टी को फिर से मजबूत करने के उपायों की पहचान की जाएगी.
यह बैठक एक अहम मोड़ पर हो रही है, क्योंकि सीपीआई (एम) अपनी राजनीतिक दिशा फिर से तय करने, जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और वोटरों से दोबारा जुड़ने की कोशिश कर रही है.
उम्मीद है कि पार्टी का नेतृत्व अपने कामकाज का आलोचनात्मक और आत्म-आलोचनात्मक मूल्यांकन करेगा. इसमें हार के तात्कालिक कारणों के अलावा, चुनाव के दौरान सामने आई गहरी कमजोरियों पर भी गौर किया जाएगा.
बैठक में चर्चा के दौरान पार्टी के पॉलिटिकल मैसेजिंग, कैंपेन की रणनीति, संगठन के तालमेल और जनता की बदलती उम्मीदों को समझने की क्षमता पर भी ध्यान दिया जाएगा. लीडरशिप, पार्टी की इकाइयों और जनता के बीच बातचीत को बेहतर बनाने के लिए सुधारात्मक उपायों पर भी खास तौर पर चर्चा हो सकती है.
इस बैठक में 307 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. केरल के पोलित ब्यूरो सदस्य एम.ए. बेबी, पिनाराई विजयन, एम.वी. गोविंदन और ए. विजयराघवन इसमें शामिल होंगे. पांच अन्य पोलित ब्यूरो सदस्य के. बालकृष्णन, बी.वी. राघवलु, अशोक धवले, विजू कृष्णन और यू. वासुकी ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लेंगे.
केरल से सेंट्रल कमिटी के सदस्य, राज्य सचिवालय और राज्य कमिटी के सदस्य, जिला सचिवालय के सदस्य और सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे.
अपनी पारंपरिक समीक्षा प्रक्रिया से अलग सीपीआई (एम) ने चुनाव नतीजों के बाद ज़मीनी स्तर से अपना आकलन शुरू किया. आमतौर पर, राज्य कमिटी शुरुआती समीक्षा तैयार करती है और चर्चा के लिए इसे निचली कमिटियों में भेजती है. हालांकि, इस बार पार्टी ने सबसे पहले अलग-अलग स्तरों पर संगठनात्मक इकाइयों की राय ली.
सीपीआई (एम) ने अपनी हार की वजहों और पार्टी के कामकाज के बारे में लोगों की राय जानने के लिए उनसे सीधे फीडबैक भी मांगा. उन जवाबों, अंदरूनी चर्चाओं और सेंट्रल कमिटी की गाइडलाइंस को रिव्यू रिपोर्ट में शामिल किया गया.
इसके बाद स्टेट कमिटी ने इस डॉक्यूमेंट की जांच की और उसे मंजूरी दी. फिर इसे आगे की चर्चा के लिए पार्टी की यूनिट्स में बांटा गया. उस प्रक्रिया के दौरान मिली अंतिम रिपोर्ट और फीडबैक, कोझिकोड में होने वाली तीन दिन की चर्चा का आधार बनेंगे.
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ओपी/पीएम