लुधियाना: पुलिस मुठभेड़ में डोनी बल गैंग के दो गुर्गे ढेर, बड़ी वारदात टली

चंडीगढ़, 13 सितंबर . पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार को एक संभावित गोलीबारी की साजिश को नाकाम कर दिया. इस दौरान लुधियाना के आतम पार्क इलाके के पास हुई मुठभेड़ में डोनी बल गैंग के दो सशस्त्र गुर्गे मारे गए.

लुधियाना के पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा ने मारे गए आरोपियों की पहचान करनजोत सिंह उर्फ नोनो और संदीप सिंह के रूप में की है. दोनों अमृतसर के रहने वाले थे.

पुलिस ने उनके कब्जे से तीन अत्याधुनिक ऑटोमैटिक पिस्तौल और करीब 50 कारतूस बरामद किए हैं.

स्वपन शर्मा ने बताया कि पुलिस को एक संभावित हमले की योजना के बारे में सटीक खुफिया जानकारी मिली थी. इसके बाद एजीटीएफ और लुधियाना पुलिस की संयुक्त टीम ने आतम पार्क के पास अंडरब्रिज क्षेत्र में विशेष नाकाबंदी की. इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की काले रंग की मोटरसाइकिल पर आ रहे दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया.

पुलिस के अनुसार, रुकने का संकेत मिलने पर दोनों आरोपी भागने लगे और उन्होंने पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.

पीछा करने के दौरान आरोपियों ने लगातार कई राउंड फायरिंग की. पुलिस ने बताया कि उनकी दो गोलियां सरकारी पुलिस वाहन में भी लगीं. इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों हमलावर मौके पर ही मारे गए.

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी गैंगस्टर डोनी बाल और शगनप्रीत सिंह के सीधे संपर्क में थे. उन्हें रविवार को लुधियाना के दुगरी रोड स्थित मैरीलैंड पैलेस में आयोजित रक्तदान शिविर पर सामूहिक गोलीबारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

पुलिस आयुक्त ने बताया कि करनजोत सिंह एक हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, लूटपाट और एनडीपीएस एक्ट के तहत दो आपराधिक मामले दर्ज थे. वहीं संदीप सिंह के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज था.

उन्होंने कहा कि इस मामले में अन्य सहयोगियों की भी पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

इस संबंध में लुधियाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109, 221, 132, 62 और 111 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है.

एएमटी/डीकेपी