
मुंबई, 13 सितंबर . मध्य रेल ने जलगांव-भादली खंड में पालधी-तारसोद बायपास हाईवे रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) की आरई वॉल ढहने के मामले में लगातार निगरानी शुरू कर दी है. रेलवे ने इस घटना को लेकर एनएचएआई को सख्त हिदायत दी है और तकनीकी रिपोर्ट मांगी है.
मध्य रेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रेलवे किमी 423/16-18 पर स्थित एनएचएआई के पालधी-तारसोद बायपास हाईवे आरओबी की आरई वॉल की स्थिति की निरंतर एवं सघन निगरानी की जा रही है. दिनांक 31 जुलाई 2026 को उक्त आरओबी की आरई वॉल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर ढह गया था.
यह आरओबी 17 अगस्त 2025 को सड़क यातायात के लिए खोला गया था. इसमें 1 x 18 मीटर वायाडक्ट + 1 x 35 मीटर मुख्य स्पैन + 1 x 18 मीटर वायाडक्ट शामिल है. घटना के बाद आरओबी की एक 2-लेन कैरिजवे को सड़क यातायात के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि नागपुर की ओर जाने वाली 2-लेन कैरिजवे पर यातायात संचालित हो रहा है.
मध्य रेल ने स्पष्ट किया है कि रेलवे ट्रैक एवं रेल परिचालन पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य हैं और इस घटना का रेल यातायात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए घटनास्थल की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं.
रेलवे ने बताया कि घटना के तुरंत बाद इस मामले को एनएचएआई के समक्ष उठाया गया था और पत्राचार एवं बैठकों के माध्यम से लगातार इसकी समीक्षा एवं अनुवर्ती कार्रवाई की जा रही है.
एनएचएआई को आरई वॉल के स्थिरीकरण के लिए आवश्यक एहतियाती उपाय करने, उपयुक्त जल निकासी प्रणाली उपलब्ध कराने, मूल कारण विश्लेषण करने, शीघ्र पुनर्स्थापना तथा घटनास्थल की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है.
मध्य रेल के अनुसार, आरई वॉल के तकनीकी डिजाइन का विवरण, आरसीए और पुनर्स्थापना योजना एनएचएआई से प्राप्त होना अभी अपेक्षित है.
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एससीएच