
लखनऊ, 14 सितंबर . उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखे हमले किए हैं. कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सत्ता में आने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी. राजपूत ने इसे जनहित में उठाया जाने वाला बेहतरीन कदम बताया.
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने समाचार एजेंसी से कहा कि यदि समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है तो जनहित से जुड़े ऐसे फैसले लिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इंडी अलायंस जनहितैषी कदमों के लिए जाना जाता है. इंडी अलायंस की सरकार बनने पर सभी खाली सरकारी पदों को भरा जाएगा और कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
समाजवादी पार्टी के नए अभियान ‘एसपी करेगी साफ’ को लेकर भी कांग्रेस प्रवक्ता ने समर्थन जताया. राजपूत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इस तरह के अभियान की जरूरत है. उन्होंने भाजपा सरकार पर उत्तर प्रदेश को बर्बाद करने और प्रदेश में भ्रष्टाचार फैलाने का आरोप लगाया.
उन्होंने पुलिस थानों, जेलों, अस्पतालों, सड़कों और होटलों में हत्याओं का जिक्र करते हुए सरकार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर गंभीर सवाल उठाए. महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा और एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश को महिलाओं के खिलाफ अपराधों में देश में पहले स्थान पर बताया. उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों के खिलाफ व्यापक जन-अभियान चलाया जाना चाहिए.
जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के विधायक रघुराज प्रताप सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजपूत ने जंतर-मंतर पर हुए कथित ‘जेन जेड’ आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि लाठी और दबाव के बावजूद युवाओं ने अपना आंदोलन जारी रखा और उन्हें इस आंदोलन पर गर्व है.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल युवाओं पर लाठियां बरसाई गईं और उन्हें पाकिस्तानी तथा आतंकवादी तक कहा गया. उन्होंने कहा कि युवाओं का आंदोलन देश के खिलाफ नहीं बल्कि देश के समर्थन में था. यह ऐसी सरकार के खिलाफ आवाज थी, जिसके कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं और नौकरियों के अवसर लगातार कम हुए.
पश्चिम बंगाल के नेता दिलीप घोष के बयान पर भी सुरेंद्र राजपूत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यदि घोष को किसी संभावित आतंकी गतिविधि या उससे जुड़ी जानकारी का पता है तो उन्हें मीडिया में बयान देने के बजाय राष्ट्रीय जांच एजेंसी को इसकी जानकारी देनी चाहिए. साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि घोष को यह जानकारी कब से थी.
राजपूत ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को पहले से ऐसी गतिविधियों की जानकारी थी और उसने संबंधित एजेंसियों को सूचना नहीं दी, तो उसकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने घोष के बयान को हिंदू-मुस्लिम विभाजन पैदा करने वाला और गैर-जिम्मेदाराना बताया तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.
यूपी सरकार के मंत्री अनिल राजभर के बयान को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता ने समाजवादी पार्टी से कानूनी नोटिस भेजने की मांग की. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राजभर को तत्काल बर्खास्त करने की अपील की. राजपूत ने आरोप लगाया कि यदि सरकार को अपराधियों के बारे में जानकारी थी, तो उन्हें समय रहते गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. उन्होंने पुलिस की कथित मुठभेड़ कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों की पहचान होने के बावजूद गिरफ्तारी न होना गंभीर विषय है.
वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार गांवों और सभी निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों की आवाज उठाने का काम कर रही है. उन्होंने भाजपा पर युवाओं, दलितों और किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी स्कूल बंद होने से प्रभावित लोगों, उत्तर प्रदेश की महिलाओं और देश के युवाओं की आवाज बनकर उनके मुद्दे उठाती रहेगी.
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एसएके/पीएम