
टोरंटो, 14 सितंबर . कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कनाडा इन्वेस्टमेंट समिट से पहले कहा कि देश में अब अर्थव्यवस्था के बदलाव और भविष्य की दिशा को लेकर एक नई सहमति बन गई है.
रविवार शाम को कनाडा के उद्योग जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए कार्नी ने कहा कि यह सहमति इस बात पर है कि ‘कनाडा अपने भविष्य की कमान खुद संभाल रहा है.’
उन्होंने कहा, “हम और ज्यादा निर्माण करेंगे, आपस में ज्यादा व्यापार करेंगे, दुनिया के साथ भी ज्यादा व्यापार करेंगे और अपने देश में टिकाऊ समृद्धि पैदा करेंगे.”
कार्नी ने कहा, “हम कनाडा के लिए एक नए दौर को आकार दे रहे हैं. कनाडा की सबसे बड़ी सोच यह है कि एकता जरूरी है, लेकिन सबका एक जैसा होना जरूरी नहीं है. हम मानते हैं कि हमारी अलग-अलग पहचान और विचार ही हमारी ताकत हैं और हम इसी भरोसे के साथ आगे बढ़ रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “दुनिया को जिन चीजों की जरूरत है, वे हमारे पास हैं. हमारे पास ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधन, प्रतिभा, तकनीक और पूंजी है. लेकिन हमारी सबसे बड़ी ताकत ऐसी चीज है जो किसी बैलेंस शीट में नहीं दिखती, और वह है भरोसा.”
कार्नी ने आगे कहा, “अगर हम मिलकर काम करें, तो हम अपने लिए उससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकते हैं, जितना कोई हमसे छीन सकता है.”
कनाडा इन्वेस्टमेंट समिट 14 और 15 सितंबर को कनाडा के सबसे बड़े शहर टोरंटो में आयोजित होगा.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह सम्मेलन बड़े निवेश आकर्षित करने की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल है. इसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में करीब एक ट्रिलियन कनाडाई डॉलर (लगभग 720 अरब अमेरिकी डॉलर) के निवेश को आकर्षित करना है.
इस समिट में कनाडा की ‘डील बुक’ पेश की जाएगी, जिसमें ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, उन्नत तकनीकों और बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े प्रमुख प्रोजेक्ट शामिल होंगे.
इसका उद्देश्य दुनिया भर के निवेशकों को कनाडा की बड़ी परियोजनाओं से जोड़ना है, ताकि देश की सप्लाई चेन मजबूत हो, उत्पादकता बढ़े और अमेरिका पर आर्थिक निर्भरता कम की जा सके.
इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आने वाले कई उत्पादों, जैसे शराब, डेयरी उत्पादों और मोटरसाइकिलों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था. यह कदम अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव का हिस्सा माना जा रहा है.
व्हाइट हाउस की घोषणाओं के अनुसार, यह आयात प्रतिबंध 29 सितंबर को पूर्वी समयानुसार रात 12:01 बजे से लागू होंगे.
हालांकि, उस तारीख से पहले कनाडा से आयात किए गए लेकिन अभी तक उपभोग के लिए मंजूरी न पाने वाले सामानों पर पहले से लागू 50 प्रतिशत शुल्क (टैरिफ) जारी रहेगा.
अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि इन कदमों का उद्देश्य कनाडा के जवाबी उपायों का मुकाबला करना, अमेरिकी उत्पादन की रक्षा करना और अमेरिकी सरकार के अनुसार व्यापार में ‘समान अवसर’ सुनिश्चित करना है.
अधिकारी के अनुसार, इन आयात प्रतिबंधों का असर कनाडा के उन व्यापारिक सामानों पर पड़ेगा जिनकी कीमत अरबों डॉलर में है. उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा टैरिफ सूची में बदलाव से उन लगभग 20 अरब डॉलर के व्यापार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, जो पहले से इन शुल्कों के दायरे में आते हैं.
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एवाई/पीएम