
हैदराबाद, 15 सितंबर . वंदे मातरम को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच भाजपा नेता पेराला शेखर राव ने कहा कि कांग्रेस को अपने कार्यकर्ताओं के बीच जनमत संग्रह कराना चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट हो जाएगा कि कांग्रेस के कितने कार्यकर्ता वंदे मातरम का समर्थन करते हैं और समाज की इस विषय को लेकर क्या राय है.
भाजपा नेता पेराला शेखर राव ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “यह विषय केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं होना चाहिए. देश में बहुत से लोग वंदे मातरम को मानते और सम्मान करते हैं. कांग्रेस के अंदर भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो वंदे मातरम में विश्वास रखते हैं. कांग्रेस को एक बार अपने कार्यकर्ताओं के बीच जनमत संग्रह कराकर देखना चाहिए. इससे पता चल जाएगा कि उसके कार्यकर्ता वंदे मातरम के समर्थन में हैं या नहीं और समाज इस विषय को चाहता है या नहीं.”
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को किसी धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे भारत की विरासत, संस्कृति और सभ्यता से जोड़कर समझने की आवश्यकता है. शेखर राव ने भारत के इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की विरासत हजारों वर्षों पुरानी है.
उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता की परंपराएं वेदकाल से लेकर रामायण, महाभारत, राजाओं-महाराजाओं के काल और उसके बाद के लंबे इतिहास तक फैली हुई हैं. उनके मुताबिक, भारत का इतिहास अमेरिका जैसे अपेक्षाकृत नए देशों की तुलना में बहुत पुराना और विस्तृत है, इसलिए देश की सांस्कृतिक विरासत को उसी व्यापक संदर्भ में समझना चाहिए.
भाजपा नेता ने कहा कि वंदे मातरम में नदियों, प्रकृति, संस्कृति और देवी-देवताओं से जुड़े विभिन्न प्रतीकों का उल्लेख मिलता है. इसे केवल धर्म के नजरिए से देखने के बजाय भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि वंदे मातरम को भारतीय संस्कृति और विरासत से जोड़कर समझा जाए तो विवाद की स्थिति पैदा नहीं होगी.
शेखर राव ने यह भी कहा कि जो लोग वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण का विरोध करते हैं, वे भारतीय संस्कृति और समाज से दूर होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने के बजाय इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को समझने की जरूरत है.
इससे पहले बयान में उन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर भी वंदे मातरम से दूरी बनाए रखने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व वंदे मातरम के केवल कुछ हिस्सों को स्वीकार करता है.
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एसएके/वीसी