
पटना, 15 सितंबर . बिहार विधान परिषद की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर चुनाव से पहले महागठबंधन के भीतर सीटों और उम्मीदवारों के चयन को लेकर तकरार सामने आ गई है. कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वामदलों के रवैये पर खुलकर नाराजगी जताते हुए गठबंधन धर्म का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है. खास तौर पर दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से माकपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है.
कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने राजद पर गठबंधन में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले तीन चुनावों में राजद ने अपने स्तर पर सीटों का चयन किया और उम्मीदवारों की घोषणा की. उन्होंने सवाल उठाया कि गठबंधन की सारी जिम्मेदारी केवल कांग्रेस ही क्यों निभाए. उन्होंने कहा, “किस गठबंधन की दुहाई लोग दे रहे हैं? आप देख रहे हैं लगातार तीन अलग-अलग चुनावों में राजद ने मनमाने तरीके से सीटों का चयन भी किया और मनमाने तरीके से उम्मीदवारों का ऐलान भी कर दिया.”
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस की सीटिंग सीट है, इसके बावजूद माकपा ने वहां से अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन बनाए रखना है तो सभी दलों को गठबंधन धर्म का पालन करना होगा. असित नाथ तिवारी ने कहा, “गठबंधन धर्म की सारी जिम्मेदारी सिर्फ कांग्रेस पर है और बाकी लोग गठबंधन धर्म का मजाक उड़ाते फिरेंगे. ऐसे नहीं चलता है. अगर गठबंधन रखना है तो धर्म का पालन कीजिए. वरना जाइए भाजपा के साथ गठबंधन कीजिए. सीधे मुकाबले में आइए हमारे साथ.”
कांग्रेस के इस बयान के बाद महागठबंधन में विधान परिषद चुनाव को लेकर सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन पर असमंजस की स्थिति और बढ़ गई है. हालांकि चुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी होनी बाकी है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इस बीच राजद ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन 2026 के लिए अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा कर दी. राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने छह प्रत्याशियों के नामों की सूची जारी की.
उन्होंने बताया कि दो सीटों पर पार्टी के भीतर अभी विचार-विमर्श चल रहा है और बाद में वहां भी उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे. बिहार विधान परिषद की कुल आठ सीटों पर चुनाव होना है. इन सीटों का कार्यकाल 16 नवंबर को पूरा हो रहा है. इनमें स्नातक और शिक्षक कोटे की सीटें शामिल हैं. राजद ने छह सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, जबकि दो सीटों पर फैसला होना बाकी है.
इन चुनावों में इस बार मुकाबला बहुकोणीय होने के आसार हैं. एक ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) समर्थित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) मैदान में होगा, जबकि दूसरी ओर राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन चुनावी चुनौती पेश करेगा. कांग्रेस और वामदलों के साथ सीटों के तालमेल को लेकर पैदा हुए विवाद ने महागठबंधन की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी विधान परिषद की सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है. इसके अलावा कई सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में उतर सकते हैं. ऐसे में विधान परिषद चुनाव में त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है.
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एमएनपी/पीएम