लोकसभा सांसद राहुल गांधी की केंद्र सरकार से अपील, ‘यूपीआई पर लगने वाला टैक्स वापस लीजिए’

नई दिल्ली, 16 सितंबर . यूपीआई टैक्स को लेकर व्यापारियों और आम ग्राहकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. 2,000 की सीमा से अधिक के लेन-देन पर कितना शुल्क देना पड़ेगा, इस पर बाजारों से लेकर बड़े-बड़े उत्पादों के शोरूम तक चर्चा तेज है. इसी बीच, राजनीतिक गलियारों में भी यूपीआई टैक्स को लेकर बहस तेज हो गई है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूपीआई पर केंद्र सरकार की ओर से टैक्स लगाए जाने पर निशाना साधा है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से यूपीआई पर लगने वाले टैक्स को वापस लेने की मांग की है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सोच बिल्कुल सीधी थी.

वहीं, कांग्रेस सांसद ने पीएम मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि यूपीआई टैक्स वापस लीजिए.

दूसरी ओर, कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने 2,000 से अधिक के मर्चेंट लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाने के मामले पर कहा कि यह ऐसा टैक्स है, जो धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा. जिस लेन-देन पर पहले कोई टैक्स नहीं लगता था, उस पर अब 2,000 से ज्यादा होने पर टैक्स लगेगा. इससे धीरे-धीरे टैक्स बढ़ाने वाली नीति ही बनेगी, क्योंकि एक बार जब नौकरशाही को इसमें घुसने का मौका मिल जाता है, तो बस कुछ ही समय की बात होती है, जब वे पूरी तरह इसमें शामिल हो जाते हैं और सभी लेन-देन पर टैक्स लगाना शुरू कर देते हैं. आखिरकार, उस लेन-देन और टैक्स का बोझ ग्राहकों पर पड़ेगा, जिससे महंगाई और कीमतें बढ़ेंगी.

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह अमेरिका के सामने पूरी तरह घुटने टेकने जैसा है. यह साफ तौर पर अमेरिका के सामने झुकने का मामला है. वे भारत के लोगों को सजा दे रहे हैं.

झारखंड सरकार में मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मैं किसी भी मामले पर तब तक कुछ नहीं बोलता, जब तक मैं उसका अच्छी तरह अध्ययन न कर लूं, उसके नतीजों को न समझ लूं और यह न जान लूं कि उसका कितना असर होगा या नहीं होगा. जब तक मैं पूरी तैयारी न कर लूं, मैं कुछ नहीं बोलूंगा. पहले मुझे तैयारी करने दें, उसके बाद ही मैं बोलूंगा.

पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने कहा कि व्यापारी अपने कारोबार में नुकसान नहीं उठाना चाहेगा. वह इसका बोझ ग्राहक पर डालेगा. जब यूपीआई शुरू हुआ था, तो सरकार ने वादा किया था कि कोई चार्ज नहीं लगेगा, यह मुफ्त होगा और कोई फीस नहीं ली जाएगी. लेकिन, अब यह एक तरह से अप्रत्यक्ष तरीका है.

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यहां क्या हो रहा है? सबसे जरूरी बात यह है कि यह कहना कि रकम बहुत कम है, बिल्कुल सही नहीं है. पहले सरकार ने कहा कि यूपीआई यूज करो और अब टैक्स की मार मार रहे हैं.

झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी ने भी केंद्र सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भाजपा जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है. जनता इसका जवाब देगी.

डीकेएम/एबीएम