
नई दिल्ली, 18 सितंबर . भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान के साथ हुई तीन टी20 मैचों की सीरीज 3-0 से जीत ली. इस सीरीज में बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को एक भी मैच खेलने को नहीं मिला. गुरुवार को भारत की सीरीज जीत के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा कि वैभव को अपने मौके का इंतजार करना होगा.
गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैमसन पर कहा, “मुझे लगता है कि उसकी प्रतिभा ही उसे प्रभावित करने के लिए काफी है. मुझे लगता है कि उसने दिखा दिया कि वह क्या कर सकता है. कोई भी वर्ल्ड कप में बिना प्रतिभा के ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ नहीं बनता. उसने काफी कुछ किया है. सैमसन को इंग्लैंड सीरीज से बाहर रखने का फैसला मेरे कोचिंग करियर का ‘शायद सबसे मुश्किल’ फैसला था.”
वैभव सूर्यवंशी का जिम्बाब्वे सीरीज में अच्छा प्रदर्शन रहा था और वह वहां प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे. ऐसे में माना जा रहा था कि अफगानिस्तान सीरीज में अभिषेक के साथ वैभव पारी की शुरुआत कर सकते हैं, लेकिन भारतीय टीम मैनेजमेंट ने टी20 विश्व कप 2026 जीताने वाली सैमसन और अभिषेक की ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा किया. इसका फायदा भी हुआ. दोनों बल्लेबाजों का भारत को सीरीज जिताने में अहम योगदान रहा. दोनों ने मिलकर 346 रन बनाए. अभिषेक ने 3 पारियों में 1 शतक और 1 अर्धशतक लगाया, जबकि सैमसन ने 2 अर्धशतक लगाए. तीसरे टी20 में दोनों ने पहले विकेट के लिए 142 रन की साझेदारी की.
अभिषेक और सैमसन को बतौर ओपनर मौका देने पर गंभीर ने कहा, “मैं हमेशा अपने नजरिए से बहुत साफ था कि हम वर्ल्ड कप के दौरान हमारे पास जो कॉम्बिनेशन था, उसी के साथ वापस जाना चाहते हैं क्योंकि वे लोग, तीन या चार बार फेल होने के बाद, बुरे खिलाड़ी नहीं बन जाते.”
उन्होंने कहा, “हम जिस तरह का क्रिकेट खेलते हैं, अगर कोई टीम एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक बिना हारे रही है और वर्ल्ड कप जीती है, तो मुझे यकीन है कि वह एक जबरदस्त टीम है. एक या दो सीरीज के बाद यह खराब टीम नहीं बन जाती और ये लोग दो या तीन असफलता के बाद खराब खिलाड़ी नहीं बन सकते.”
वैभव के बारे में गंभीर ने कहा, “उन्हें साफ-साफ बताया गया था कि वह कहां है, और इंडिया के लिए खेलने की लाइन में उम्र कोई मायने नहीं रखती. हम जानते हैं कि उसमें किस तरह की प्रतिभा है और वह क्या कर सकता है. लेकिन, उसे अपने मौके का इंतजार करना होगा.”
–
पीएके