पीएम मोदी से सपरिवार मिले जयंत चौधरी, एकजुटता का दिया संदेश

नई दिल्ली, 18 सितंबर . केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. जयंत चौधरी अपनी पत्नी और दोनों बेटियों के साथ प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे. मुलाकात की तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की है.

जयंत चौधरी और प्रधानमंत्री मोदी की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं. खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद की सक्रियता बढ़ी है. 20 सितंबर को मुजफ्फरनगर में रालोद की ओर से सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जयंत चौधरी मुख्य अतिथि होंगे.

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और इसके ठीक बाद होने वाले मुजफ्फरनगर सम्मेलन को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि, मुलाकात को लेकर जयंत चौधरी की ओर से साझा की गई जानकारी में किसी राजनीतिक निर्णय या चुनावी रणनीति का विवरण नहीं दिया गया है.

मुलाकात की तस्वीर में जयंत चौधरी के साथ उनकी पत्नी और दोनों बेटियां भी नजर आ रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी से उनकी यह पारिवारिक मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब रालोद और भाजपा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रालोद की राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए इस मुलाकात पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं.

इससे एक दिन पहले 17 सितंबर को जयंत चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री की कार्यशैली को करीब से देखने और उससे सीखने की बात कही थी. जयंत चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी के समर्पण और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता की भी सराहना की थी.

बता दें कि रालोद की ओर से 20 सितंबर को मुजफ्फरनगर के पचेंडा रोड स्थित प्लेटिनम बैंक्वेट हॉल परिसर में सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. पार्टी की ओर से इस कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी गई हैं और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में सम्मेलन में पहुंचने की अपील की गई है.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विभिन्न राजनीतिक दलों की गतिविधियां भी इन दिनों बढ़ी हुई हैं. ऐसे में जयंत चौधरी की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और इसके दो दिन बाद मुजफ्फरनगर में होने वाले रालोद के कार्यक्रम पर राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर बनी हुई है.

डीएससी