
नई दिल्ली, 19 सितंबर . तेलंगाना के खैरताबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक दनम नागेंद्र की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मामला अब Supreme Court पहुंच गया है. बीआरएस विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने Supreme Court में कैविएट याचिका दाखिल की है.
कैविएट याचिका में Supreme Court से मांग की गई है कि यदि दनम नागेंद्र हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हैं, तो उनकी याचिका पर कोई भी आदेश पारित करने से पहले पाडी कौशिक रेड्डी का पक्ष भी सुना जाए.
दरअसल, दनम नागेंद्र को अयोग्य घोषित करने की मांग करने वाली याचिकाओं में से एक बीआरएस विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने ही दायर की थी. दूसरी याचिका भाजपा विधायक दल के नेता आलेटी महेश्वर रेड्डी की ओर से दाखिल की गई थी.
तेलंगाना हाईकोर्ट ने इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दल-बदल विरोधी कानून के तहत दनम नागेंद्र की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी थी. हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें नागेंद्र को अयोग्य घोषित करने की मांग खारिज कर दी गई थी.
याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि दनम नागेंद्र बीआरएस के टिकट पर विधायक चुने जाने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए और बाद में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में 2024 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यह संविधान की दसवीं अनुसूची और दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन है.
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में खैरताबाद विधानसभा सीट को रिक्त घोषित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग को इसकी सूचना देने का निर्देश दिया था.
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डीएससी