
नई दिल्ली, 19 सितंबर . दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को चार जिला मजिस्ट्रेटों के साथ वायु प्रदूषण से निपटने के उपायों पर अलग-अलग समीक्षा बैठकें कीं. इन बैठकों में आने वाले महीनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर जोर दिया गया.
एक बयान के अनुसार, मंत्री ने अधिकारियों के साथ जिला-स्तरीय रणनीतियों पर चर्चा की. इसमें प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करना, सुधारात्मक उपायों में तालमेल बिठाना और हवा की गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाना शामिल था.
बयान में कहा गया है कि बैठक में कई स्तरों वाली प्रवर्तन रणनीति की रूपरेखा तैयार की गई. इसमें जमीनी स्तर पर निगरानी करने वाली समर्पित टीमें, चौबीसों घंटे निगरानी, हॉटस्पॉट-विशिष्ट उपाय और धूल प्रदूषण, बायोमास जलाने, अनधिकृत औद्योगिक गतिविधियों और प्रदूषण के अन्य स्थानीय स्रोतों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई शामिल है.
सिरसा ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे एक्यूआई निगरानी स्टेशनों से मिलने वाले डेटा के आधार पर प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान करें और उन्हें मैप करें.
बयान के अनुसार, इन जगहों का आकलन कई स्रोतों के आधार पर किया जाएगा, जिनमें सड़क की धूल, ट्रैफिक जाम, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियां, अनधिकृत पार्किंग, खुली या बिना ढकी जगहें, बायोमास और कचरा जलाना, तथा प्रदूषण के अन्य स्थानीय कारण शामिल हैं.
अधिकारी हर हॉटस्पॉट की जांच एक खास तरीके से करेंगे, जिसमें 3 किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां भी शामिल होंगी, जहां भी यह लागू हो. इसके आधार पर, प्रदूषण कम करने के उपाय, जिम्मेदार एजेंसी और समय-सीमा बताते हुए एक एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा.
संबंधित विभागों और एजेंसियों से ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (एटीआर) भी मांगी गई, जिसमें उठाए गए कदम, मौजूदा स्थिति, जगह, सबूत, लंबित मुद्दे और काम पूरा करने की समय-सीमा की जानकारी हो. मंत्री अगले 15 दिनों में प्रगति की समीक्षा करेंगे.
सिरसा ने पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी जिलों के अधिकारियों के साथ अलग-अलग समीक्षा बैठकें कीं.
इन बैठकों में इलाके के विधायक, जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), एमसीडी के उपायुक्त और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.
बैठकों के दौरान, अधिकारियों ने जिले के हिसाब से रोडमैप तैयार करने और हवा के प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई को मजबूत करने पर चर्चा की.
सिरसा ने सभी विभागों और एजेंसियों को आपस में मिलकर काम करने, जिम्मेदारी तय करने और यह पक्का करने का निर्देश दिया कि प्रदूषण रोकने के उपाय असरदार ढंग से और तय समय-सीमा के अंदर लागू हों. सरकार सर्दियों में प्रदूषण रोकने के उपायों को मजबूत करने और पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के लिए तैयार है.
मंत्री ने एजेंसियों से कहा कि वे निर्माण और तोड़-फोड़ के कामों के दौरान धूल-नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें.
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एमएस/