यूपीआईटीएस 2026 में होंगे 20 नॉलेज सेशन, उद्योग से लेकर ई-कॉमर्स तक पर होगी एक्सपर्ट्स की चर्चा

ग्रेटर नोएडा, 21 सितंबर . ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 को इस बार कारोबार, निवेश, तकनीक और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता के संगम के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी है. ट्रेड शो में उद्घाटन और प्लेनरी कार्यक्रमों के अलावा कुल 20 नॉलेज सेशन आयोजित किए जाएंगे.

इन सत्रों में उद्योग, निर्यात, तकनीक, स्वास्थ्य, श्रम कानून, ई-कॉमर्स और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे. यूपीआईटीएस-2026 के नॉलेज सेशन में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उत्तर प्रदेश की भूमिका प्रमुख विषयों में शामिल है. इसके अलावा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के अगले चरण, सेमीकंडक्टर और कंपोनेंट निर्माण जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक विषयों पर भी चर्चा होगी.

इन सत्रों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश और विनिर्माण की संभावनाओं को सामने लाने के साथ उद्योगों को बदलते वैश्विक बाजार के अनुरूप तैयार करना है. ट्रेड शो में एमएसएमई और ओडीओपी निर्यातकों के लिए ई-कॉमर्स और डिजिटल बाजार की संभावनाओं पर भी विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा. इसमें छोटे और मझोले उद्यमों तथा एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) से जुड़े कारोबारियों के लिए डिजिटल माध्यम से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने के अवसरों पर चर्चा होगी.

इसके अलावा उत्तर प्रदेश से मेडटेक निर्माण, नए श्रम कोड और मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने जैसे विषय भी नॉलेज सेशन का हिस्सा होंगे. इससे उद्योग जगत को बदलते नियामकीय ढांचे और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नए अवसरों को समझने का मंच मिलेगा. यूपीआईटीएस-2026 में केवल उद्योग और व्यापार तक सीमित विषयों पर ही चर्चा नहीं होगी. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026, सड़क सुरक्षा, पारंपरिक आयुष वेलनेस और एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) के सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी नॉलेज सेशन संक्षिप्त, प्रभावशाली और उपयोगी बनाए जाएं. संबंधित विभागों को अपने-अपने सत्रों की पूरी जिम्मेदारी लेने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही इन कार्यक्रमों में आम लोगों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि ट्रेड शो केवल कारोबारी और औद्योगिक प्रतिनिधियों तक सीमित न रहकर व्यापक जनभागीदारी वाला आयोजन बने.

यूपीआईटीएस-2026 में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए. प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के लिए ट्रेड शो में 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं.

इनमें शास्त्रीय संगीत और नृत्य से लेकर लोक एवं जनजातीय कला तक की प्रस्तुतियां शामिल होंगी.

कार्यक्रम में कथक, पखावज और सितार वादन के साथ भोजपुरी और आल्हा गायन दर्शकों को आकर्षित करेंगे. वहीं राई और थारू जनजातीय नृत्य के जरिए प्रदेश की लोक एवं जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी.

इसके अलावा स्टार म्यूजिकल नाइट्स भी ट्रेड शो के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होंगी. इस तरह यूपीआईटीएस-2026 में व्यापार, निवेश और तकनीक के साथ उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों की कला, संस्कृति और परंपराओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी है.

पीकेटी/एमएस