
नई दिल्ली, 22 सितंबर . उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. इस बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी यूपी में मुसलमान को सीएम बनाने का ऐलान करते हैं, तो समुदाय के सारे वोट उन्हें ही मिलेंगे.
मौलाना रशीदी ने से कहा, “जो भी पार्टी यह दावा करती है कि हम भारतीय जनता पार्टी को हराना चाहते हैं, वह असल में भाजपा के साथ ही मिली हुई होती है, चाहे वह कोई भी पार्टी हो. सवाल यह है कि क्या मुसलमान सिर्फ भाजपा को हराने के लिए पैदा हुए हैं.”
उन्होंने कहा कि हर पार्टी को अपनी विचारधारा बढ़ाने और कहीं भी चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार है. यह उसका हक है. हालांकि जब मुसलमानों को यह कहकर चुनौती दी जाती है कि उन्हें भाजपा को हराना ही होगा, तो मुसलमानों को इसे समझने की जरूरत है. मुसलमान भाजपा को हराने के लिए पैदा नहीं हुए हैं.
रशीदी ने कहा, “सवाल यह है कि जिस भारतीय जनता पार्टी की वजह से कहीं न कहीं उत्तर प्रदेश में खास तौर से मुसलमान बच्चे जो गलत राह पर थे, अगर वह सही राह पर आ जाते हैं, तो हमें भाजपा से क्या दुख है? या जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, उसने हमें क्या दिया. जब कांग्रेस सत्ता में थी और हम भरपूर वोट कांग्रेस को देते थे, तब उसने हमें क्या दिया?”
उन्होंने कहा कि 65 साल तक मुसलमानों का वोट लेने के बाद कांग्रेस ने ही कहा कि मुसलमान बदतर जिंदगी जी रहे हैं. वहीं, समाजवादी पार्टी हमारा वोट लेती है और हमें ही भाजपा का एजेंट बताती है.
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव ने बाकायदा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक मुस्लिम पत्रकार को कहा कि आप भाजपा के एजेंट हैं, क्योंकि आप मुसलमान हैं और आपने रे-बैन का चश्मा लगा रखा है. इसका मतलब यह हुआ कि जो मुसलमान अच्छे कपड़े पहनेगा, कारों में चलेगा या अच्छा चश्मा लगाएगा, वह भाजपा का एजेंट होगा.”
मौलाना रशीदी ने कहा कि आगामी 2027 के चुनाव में मुसलमानों को बहुत सजग, होशियार और अक्लमंदी के साथ वोट करना होगा, ताकि वह अपने हक की बात कर सकें.
उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी को लेकर कहा, “मैं असदुद्दीन ओवैसी से भी कहना चाहता हूं, वह भी कहते हैं कि पीएम मुसलमान बनेगा. वह भी मुसलमान मुख्यमंत्री का ऐलान करें और अखिलेश यादव भी ऐलान करें कि मुसलमान मुख्यमंत्री होगा. मैं तो राहुल गांधी से भी कहना चाहता हूं कि अगर आप मुसलमान मुख्यमंत्री का ऐलान कर देते हैं, तो मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि समाजवादी पार्टी को एक भी वोट नहीं मिलेगा, सारा वोट कांग्रेस को जाएगा.”
इस दौरान मौलाना साजिद रशीदी ने धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा, “इस्लाम में कुरान साफ कहती है कि अल्लाह सबसे बड़े गुनाहों को भी माफ कर सकता है लेकिन वह शिर्क को माफ नहीं करेगा. शिर्क का मतलब है अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत करना.”
उन्होंने कहा कि होली, दिवाली या गरबा के दौरान मूर्ति पूजा और देवी-देवताओं की पूजा होती है. जब देवी-देवताओं की पूजा होती है, तो ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होना सख्त मना है. सवाल यह है कि एक मुसलमान वहां क्यों जाए? अगर कोई मुसलमान वहां जाता है, तो उसका ईमान चला जाएगा.
उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, “अब तो वे यह भी कहने लगे हैं कि अपनी मां और बहनों को भी लाओ. इससे बुरी या घटिया सोच क्या हो सकती है? अब उनकी नजर मुसलमानों की बहनों और बेटियों पर है.”
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जिन्होंने कहा कि अपनी बहनों और बेटियों को लाओ, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या आप अपनी बहनों और बेटियों को मस्जिद भेज सकते हैं? अगर आप भेज सकते हैं तो भेजिए. हम उन्हें अच्छी शिक्षा देंगे, अच्छे संस्कार सिखाएंगे, उन्हें समझाएंगे कि इस दुनिया में कैसे रहना है और अल्लाह का सामना कैसे करना है. हम उन्हें इस्लाम के बारे में, ईमान के बारे में और अच्छी जिंदगी जीने के बारे में सिखाएंगे.”
रशीदी ने कहा, “आपकी तरह हमारी गंदी मानसिकता नहीं है. आप तो गंदी मानसिकता के साथ इस बात को कह रहे हैं.” उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से सवाल किया कि क्या ऐसे बयानों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? क्या ऐसे बयानों का खंडन नहीं करना चाहिए.
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पीआईएम/पीएम