लोक केरल सभा बंद होगी, प्रवासियों के लिए नया मंच बनाने की तैयारी : सीएम सतीशन

तिरुवनंतपुरम, 23 सितंबर . केरल की वीडी सतीशन सरकार ने बुधवार को करीब एक दशक पुरानी लोक केरल सभा को बंद करने और उसकी जगह विदेशों में रहने वाले प्रवासी केरलवासियों को राज्य के विकास और निवेश योजनाओं से जोड़ने के लिए एक नया मंच बनाने का फैसला किया.

साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि सरकार लोक केरल सभा को उसके मौजूदा स्वरूप में जारी नहीं रखेगी. प्रवासी केरलवासियों को ज्यादा प्रभावी मंच देने के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाएगी.

सतीशन ने कहा कि वामपंथी सरकारों ने करीब एक दशक तक लोक केरल सभा का आयोजन किया लेकिन इस दौरान आयोजित कार्यक्रमों से कुछ भी हासिल नहीं हुआ.

उन्होंने कहा कि नई सरकार केवल चर्चा के लिए मंच बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती. सरकार प्रवासी केरलवासियों के विशाल नेटवर्क का इस्तेमाल कर केरल की अर्थव्यवस्था को केवल विदेशों से आने वाले पैसे यानी रेमिटेंस पर निर्भर रहने के बजाय निवेश आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना चाहती है.

नई व्यवस्था का खाका तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक उप-समिति पहले ही बनाई जा चुकी है.

सरकार ने केरल के 70वें वर्ष में प्रवेश के मौके पर ‘फेस्टिवल केरल’ नाम से एक बड़ा सांस्कृतिक और पर्यटन अभियान शुरू करने की भी योजना बनाई है.

शुरुआत में यह कार्यक्रम देशभर में आयोजित किया जाएगा. इसके जरिए केरल की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन की संभावनाओं और राज्य की अन्य खूबियों को प्रदर्शित किया जाएगा.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सरकार राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए निवेशक सम्मेलन भी आयोजित करने की योजना बना रही है.

सतीशन ने कहा कि बाद में सरकार इस बात पर भी विचार करेगी कि ‘फेस्टिवल केरल’ का आयोजन विदेशों में किया जा सकता है या नहीं.

कैबिनेट ने ‘एल्डर्ली वेलफेयर डिपार्टमेंट’ का नाम बदलकर ‘डिपार्टमेंट ऑफ सीनियर सिटीजन्स’ यानी वरिष्ठ नागरिक विभाग करने का भी फैसला किया है. सरकार का कहना है कि यह फैसला बुजुर्ग आबादी के प्रति उसके नजरिए में बदलाव का संकेत है.

सरकार ने राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए एक बड़ा सड़क सुरक्षा अभियान शुरू करने का भी फैसला किया है. इस अभियान का नेतृत्व परिवहन विभाग करेगा. इसमें लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा.

कैबिनेट ने पिछले सप्ताह कुछ जिलों में हुई भूस्खलन की घटनाओं में मारे गए नौ लोगों के परिवारों को 8-8 लाख रुपए की सहायता देने का फैसला किया है. यह राशि सरकार के राहत उपायों के तहत दी जाएगी.

प्रस्तावित पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र अधिसूचना में संशोधन को लेकर सतीशन ने कहा कि एक दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है और राज्य सरकार अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने से पहले एक और दौर की चर्चा करेगी.

उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों के लोगों की ओर से उठाई गई सभी चिंताओं और आशंकाओं पर विचार किया जाएगा. इसके बाद ही सरकार अपना अंतिम रुख तय करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ईएसए प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेते समय यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी कि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हितों की रक्षा हो.

–

एएमटी/पीएम