
पटना, 24 सितंबर . समस्तीपुर में नाबालिग किशोरी से हुई छेड़खानी की घटना को लेकर पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने बिहार में लड़कियों की सुरक्षा पर चिंता जताई और सरकार को पूरी तरह फेल बताया.
पप्पू यादव ने से कहा, “अब आप एक बात बताइए, मधेपुरा, समस्तीपुर और दरभंगा के स्कूलों को देखिए. जो दिख रहा है, जो सोशल मीडिया पर आ रहा है, उसे देखिए. बिहार में कोई भी बेटी सुरक्षित नहीं है क्योंकि कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है. आम लोगों से लेकर विभिन्न दलों के नेता भी नशाखोरी में लिप्त हैं.”
उन्होंने कहा कि हालात अच्छे नहीं हैं. सरकारी स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल में कोई सुरक्षित नहीं है. सार्वजनिक जगहों पर भी कोई सुरक्षा नहीं है. सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है. पूरे राज्य में सिर्फ माफिया, नेता और अधिकारी ही सुरक्षित हैं.
पप्पू यादव ने कहा, “एक व्यक्ति कहता है कि 2005 से पहले ‘जंगल राज’ था, तो दूसरा कहता है कि 2005 के बाद ‘महा जंगलराज’ है. जब जंगल राज था तो जनता ने उन्हें हटा दिया लेकिन 2005 के बाद जब आप सत्ता में आए, तो अब हालात उससे भी बदतर हैं. आम आदमी सुरक्षित नहीं है और गरीब परिवारों की बेटियां तो बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं.”
उन्होंने कहा कि प्रभावशाली लोगों और बदमाशों द्वारा रेप और छेड़खानी की घटनाओं को देखिए. सबसे ज्यादा दलित, कमजोर वर्ग और गरीब परिवार पीड़ित हैं. ईबीसी, एसटी और एससी समुदाय विशेष रूप से प्रभावित हैं. उनके केस तो ठीक से दर्ज भी नहीं होते.
उन्होंने आरोप लगाया कि 60-70 प्रतिशत केस तो रजिस्टर ही नहीं होते. उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली भी सुरक्षित नहीं है. कब तक आप बिहार की जनता का दमन करते रहेंगे. अगर आपसे कानून व्यवस्था नहीं संभल रहा है, तो सुरक्षा की जिम्मेदारी पप्पू यादव को दे दीजिए.
चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद पर भी पप्पू यादव ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त को एक मिनट भी पद पर रहने का अधिकार नहीं है. प्रधानमंत्री को तुरंत सदन बुलाकर महाभियोग की कार्यवाही शुरू करनी चाहिए. यह देशद्रोह और लोकतंत्र की हत्या है और चुनाव आयोग लोकतंत्र का हत्यारा है. उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए. बिहार, बंगाल और हरियाणा के साथ ही असम के चुनाव भी रद्द होने चाहिए. विपक्ष को बाकी सब कुछ छोड़कर तब तक ये लड़ाई जारी रखनी चाहिए जब तक चुनाव आयोग को भंग न कर दिया जाए.”
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वीकेयू/पीएम