दक्षिण-पूर्वी पोलैंड की कैथोलिक मोनेस्ट्री में चाकू से हमला, पादरी की मौत और चार घायल

वारसा, 24 सितंबर . दक्षिणी पूर्वी पोलैंड की एक कैथोलिक मोनेस्ट्री (मठ) में गुरुवार सुबह सनकी शख्स ने प्रार्थना सभा के दौरान पांच लोगों पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किया. इस हमले में पादरी की मौत हो गई जबकि चार घायल बताए जा रहे हैं.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि स्थानीय मीडिया आउटलेट ‘जेजोव इन्फो’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार सुबह जारोस्लाव शहर के एक मठ में 31 वर्षीय यूक्रेनी शख्स ने चाकू से चार पुरुषों और एक महिला पर हमला किया. पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है, जबकि हमले के कारणों की जांच की जा रही है.

पोलिश मीडिया के अनुसार, जारोस्लाव में बेनेडिक्टिन सिस्टर्स मठ पर हुए हमले में पांच लोगों को चाकू मारा गया, जिनमें तीन पादरी शामिल थे. चार पुरुषों और एक महिला को अस्पताल ले जाया गया. तीन पुरुषों को गंभीर चोट आई है.

जारोस्लाव पुलिस ने पोलिश समाचार चैनल ‘टीवीएन24’ को बताया कि हमले में निशाना बनाए गए पादरियों में से एक की बाद में अस्पताल में मौत हो गई.

पोलिश रेडियो स्टेशन ‘रेडियो ईएसकेए’ की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर मठ के परिसर में एक बड़ा चाकू (मैचेट) लेकर तब घुसा जब प्रार्थना सभा (मास) चल रही थी. गुरुवार सुबह 9.30 बजे घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर मौजूद है.

जारोस्लाव के मेयर मार्सिन नाजारेविच ने कहा कि शहर ने क्राइसिस मैनेजमेंट प्रक्रिया शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि इलाके के स्कूलों को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और मठ के कर्मचारियों से बहुत सावधानी बरतने को कहा गया है.

पोडकारपैकी पुलिस बल के एक प्रवक्ता ने कहा, “जारोस्लाव के पुलिस अधिकारियों ने एक 31 वर्षीय यूक्रेनी नागरिक को हिरासत में लिया है, जिसने चार पुरुषों और एक महिला को चाकू मारा था. सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया—जिनमें से तीन पुरुषों को गंभीर चोटें आईं. अधिकारी घटना के सही क्रम और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए मौके पर काम कर रहे हैं.”

दक्षिण-पूर्वी पोलैंड में बेनेडिक्टिन सिस्टर्स मठ 1611 में बनाया गया था. इसमें सेंट निकोलस और सेंट स्टैनिस्लॉस बिशप का चर्च है, जिसे 1614 और 1624 के बीच बनाया गया था.

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इसे नुकसान पहुंचा था और बाद में इसका पुनर्निर्माण हुआ था.

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केआर/