
नई दिल्ली, 24 सितंबर . भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी. घटना को दुखद और निंदनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का किसी भी शब्द से बचाव नहीं किया जा सकता. साथ ही, उन्होंने बिहार सरकार की अपराध के प्रति कथित जीरो-टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि महिला अस्मिता से जुड़ी कोई भी घटना अत्यंत दुखद, निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है. किसी भी तरह के शब्दों से ऐसी घटना को जायज नहीं ठहराया जा सकता. सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता स्पष्ट है. सम्राट चौधरी के नेतृत्व में अपराध के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर ऐसा उदाहरण पेश किया जाएगा कि भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने के बारे में भी न सोचे.
पासवान ने कहा कि बिहार की बहन-बेटियों की सुरक्षा, स्थिरता और स्वतंत्र रूप से सड़कों पर घूमने का अधिकार सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है.
समस्तीपुर की घटना पर उन्होंने कहा कि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. ऐसे लोगों से सख्ती से निपटना सरकार को आता है. बिहार मां सीता, वैशाली और उभय भारती की भूमि है और यहां महिलाओं की अस्मिता के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
समस्तीपुर मामले को लेकर मनीष सिसोदिया के एक्स पोस्ट पर भाजपा प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सिसोदिया पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे खुद कथित घोटाले के मामले में जेल जा चुके हैं और अब पंजाब में किस हैसियत से सरकारी बंगले में रह रहे हैं, यह सवाल उठता है. सिसोदिया को पंजाब में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर बयान देने से पहले अपने कार्यकाल और वहां की घटनाओं पर जवाब देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में एक दलित व्यक्ति को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा और सवाल किया कि उस समय सिसोदिया ने बयान क्यों नहीं दिया.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर मुकेश सहनी की टिप्पणी को गुरु प्रकाश पासवान ने ‘असंवैधानिक’ बताया. उन्होंने कहा कि संविधान की मर्यादा में रहकर अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने विपक्षी नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि क्या इस तरह के बयान हिंसा भड़काने की कोशिश हैं. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में नेता प्रतिपक्ष की भागीदारी सुनिश्चित करने की व्यवस्था भाजपा सरकार ने की है. ऐसे में राहुल गांधी को चुनाव आयोग को लेकर इस तरह की टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं है.
अखिलेश यादव की पीडीए यात्रा और उससे जुड़े पोस्टरों पर भी गुरु प्रकाश पासवान ने हमला बोला. उन्होंने कहा कि विपक्ष संकेतों और प्रतीकों की राजनीति कर रहा है, लेकिन जनता उनके कथित राजनीतिक इतिहास से परिचित है. उन्होंने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर राम मंदिर, कारसेवकों, डॉ. भीमराव आंबेडकर, आरक्षण और मायावती से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए.
पासवान ने कहा कि अखिलेश यादव, डिंपल यादव, शिवपाल यादव, धर्मेंद्र यादव और रामगोपाल यादव सहित एक ही परिवार के कई लोगों के राजनीति में होने के कारण पीडीए यात्रा को लेकर सवाल उठते हैं. अगर समाजवादी पार्टी को पीडीए की राजनीति करनी है तो उसे पहले परिवार से आगे निकलकर राजनीति करनी चाहिए.
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पीएसके