‘जब मुंह के बल गिरने से बत्तीसी गिरती है, तो आयोग दिखता है’, भाजपा सांसद का सपा पर तंज

नई दिल्ली, 24 सितंबर . भाजपा सांसद अजित माधवराव गोपचडे ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सपा चुनाव जीतती थी, तब उसे लगता था कि भगवान उसके साथ हैं, लेकिन हार के बाद उसे चुनाव आयोग नजर आने लगता है.

गोपचडे ने से बात करते हुए अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को इस तरह की राजनीति से बचना चाहिए.

भाजपा सांसद ने कहा, “जब आपकी विजय होती थी, तब आप भगवान को मानते थे. जब आप मुंह के बल गिर जाते हैं, जब बत्तीसी गिर जाती है, तब आपको चुनाव आयोग दिखाई देने लगता है. इस तरह का दोगलापन और दिखावे की राजनीति अखिलेश यादव को नहीं करनी चाहिए.”

गोपचडे ने आरोप लगाया कि सपा जाति के आधार पर राजनीति करती है और प्रदेश में “ओछी राजनीति” का प्रदर्शन कर रही है. ऐसी राजनीति में देशभक्ति का अभाव दिखाई देता है.

गोपचडे ने कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा उत्तर प्रदेश में दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और सपा के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो जाएगी. जनता को एनडीए सरकार के कामों पर विश्वास है और वह सरकार के साथ चल रही है, विपक्ष चाहे कितने बहाने कर ले, उससे जनता उनके साथ नहीं आने वाली है.

उन्होंने अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि आप चुनाव आयोग की तरफ देखने के बजाय परमेश्वर रूपी जनता का दर्शन करें और जनता के दरबार में जाएं. जनता ही फैसला करेगी. देश संविधान के मूल्यों, कानून और नियमों के आधार पर चलता है, न कि किसी की धमकी या मनमाने रवैये से. संविधान का सम्मान सभी को करना चाहिए.

गोपचडे ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अमेरिका की कथित सकारात्मक टिप्पणी का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जब किसी प्रमुख देश की ओर से भारत में चुनाव प्रक्रिया और लोकतंत्र को लेकर सकारात्मक बात कही जाती है, तो राजनीतिक दलों और नेताओं को भी आत्ममंथन करना चाहिए.

उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, क्या उन्हें लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्थाओं के प्रति अपने दृष्टिकोण पर भी विचार नहीं करना चाहिए. लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम निर्णय जनता का होता है और राजनीतिक दलों को जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखना चाहिए.

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एसएके/एबीएम