
लखनऊ, 24 सितंबर . यूपी माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन मोहसिन रजा ने समाजवादी पार्टी गके मुखिया अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा को लेकर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के लिए अब कोई राजनीतिक माहौल नहीं बचा है. रजा ने अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे, पिछड़े-दलित-अल्पसंख्यक और मुस्लिम समुदाय तक पहुंच बनाने की कोशिश और 2027 के चुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी.
मोहसिन रजा ने कहा कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश की जनता खुद को पहले की तुलना में सुरक्षित महसूस कर रही है. पिछली सरकार में भ्रष्टाचार, अराजकता और गुंडाराज था, जिससे योगी सरकार के आने के बाद जनता को राहत मिली. अब जनता समाजवादी पार्टी के किसी विधायक या सांसद को देखना नहीं चाहती. उन्होंने 2024 के चुनाव के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता अब उनके कथित भ्रम और बहकावे में नहीं आने वाली है.
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने योजनाओं को बंद नहीं किया. हमारी सरकार ने सभी योजनाओं को बिना भेदभाव जमीन पर लागू किया. उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है, व्यापार और निवेश बढ़े हैं और बड़ी संख्या में समझौते जमीन पर उतरे हैं. 2027 में जनता 2017 को दोहराएगी और उत्तर प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनेगी.
अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे को लेकर 2027 के लिए वोट बैंक की तैयारी से जुड़े सवाल पर रजा ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के पास अब अपना पुराना वोट बैंक नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य आधार यादव और मुस्लिम वोट रहा है, लेकिन मुस्लिम समुदाय भी अब सपा से दूर हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कई योजनाओं पर काम किया है. उन्होंने पसमांदा मुसलमानों की बात उठाने, शिक्षा, मदरसा आधुनिकीकरण और रोजगार से जुड़े प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समाज को इन योजनाओं का लाभ मिला है.
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने मुस्लिमों का वोट लेकर अपने परिवार को राजनीतिक रूप से मजबूत किया. सपा और कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र को एक जैसा बताते हुए उन्होंने कहा कि जनता दोनों पार्टियों की राजनीति को समझ चुकी है.
पीडीए रथ पर पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक और मुस्लिम लिखे जाने को लेकर मोहसिन रजा ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अतीत में रथ यात्रा का विरोध किया था, इसलिए अब उसके नेताओं को रथ यात्रा निकालने का नैतिक अधिकार नहीं है. अयोध्या जाने वाले कारसेवकों पर गोली चलाए जाने का आरोप लगाते हुए रजा ने कहा कि जिस पार्टी के शासन में यह हुआ, उसके लोग अब रथ यात्रा कैसे निकाल सकते हैं. समाजवादी पार्टी के लिए यह यात्रा राजनीतिक वापसी की नहीं, बल्कि उसकी अंतिम यात्रा साबित होगी. उन्होंने समाजवादी पार्टी की पिछली बस यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली बार भी बस रास्ते में रुक गई थी और इस बार भी प्रदेश की जनता इस यात्रा को पंचर कर देगी.
मोहसिन रजा ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी अब उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापस नहीं आएगी. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी का मौजूदा राजनीतिक स्वरूप समाप्त होता है तो उसके नेता किसी नए नाम के साथ नई पार्टी खड़ी करने की कोशिश कर सकते हैं. प्रदेश की जनता अब कानून-व्यवस्था, विकास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है और उनके मुताबिक यही कारण है कि 2027 में भाजपा की सरकार दोबारा बनने जा रही है.
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पीएसके