श्रीनिवास बीवी ने मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि, चुनाव आयोग के मुद्दे पर केंद्र पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 26 सितंबर . कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. उन्होंने मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि आज भी नई पीढ़ी उनके योगदान की चर्चा करती है. इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े हालिया विवाद पर भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे सवाल उठाए.

श्रीनिवास बीवी ने कहा कि मनमोहन सिंह की जयंती पर पूरी दुनिया उनके योगदान को याद कर रही है. यूपीए-1 और यूपीए-2 के दौरान देश के लिए मनमोहन सिंह ने महत्वपूर्ण काम किए और उनकी नीतियों का प्रभाव आज भी दिखाई देता है. उन्होंने किसान कर्ज माफी, आईटीआई और गरीबों की आर्थिक स्थिति में सुधार जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह, यूपीए और सोनिया गांधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का काम हुआ.

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में भाजपा सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को कमजोर करने और उनके नाम बदलने का काम किया. अब लोगों को मनमोहन सिंह के कार्यकाल के योगदान का एहसास हो रहा है.

चुनाव आयोग से जुड़े सवालों पर श्रीनिवास बीवी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठा रहे थे और अब चुनाव आयोग के ही दो अधिकारियों की ओर से सामने आई बातों से उनके आरोपों को बल मिला है. उन्होंने सवाल उठाया कि संबंधित अधिकारी इस समय कहां हैं और कहा कि भाजपा के बंगाल अध्यक्ष की ओर से उन्हें सम्मानित करने की बात कही जा रही है. ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.

श्रीनिवास बीवी ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया. उन्होंने संसद में बड़ी संख्या में सांसदों के निलंबन के बाद कानून बनाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने चुनावों में जीत हासिल करने के लिए संस्थाओं को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे मामले पर कार्रवाई की मांग की. श्रीनिवास ने कहा कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर जनता के बीच चिंता है.

उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों के साथ एनडीए में शामिल कुछ दल भी इस मामले में गड़बड़ी की आशंका जता रहे हैं. ऐसे में चुनाव आयोग को इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान देना चाहिए.

–

पीएसके