
कोलकाता, 26 सितंबर . कोलकाता पुलिस ने सिम कार्ड फ्रॉड के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सात लोगों को साल्ट लेक स्थित एक मकान से गिरफ्तार किया है. आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से सिम कार्ड हासिल कर ठगी कर रहे थे.
पुलिस ने यह गिरफ्तारी नारकेलडांगा इलाके में दर्ज एक मामले के आधार पर की है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने साल्ट लेक के मकान में एक कॉल सेंटर बना रखा था.
तलाशी के दौरान पुलिस ने कई स्मार्टफोन और कीपैड फोन बरामद किए हैं. जांचकर्ताओं का दावा है कि अलग-अलग समय पर अलग-अलग सिम कार्ड का इस्तेमाल कर इन फोनों से ठगी को अंजाम दिया जाता था.
इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें पहले गिरफ्तार किए गए चार लोग भी शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार आरोपी “तौसीफ टेलीकॉम” और इसी तरह के अन्य नामों की आड़ में काम कर रहे थे.
जांच के दौरान पुलिस ने 17 सितंबर को नारकेलडांगा निवासी तौसीफ आलम को गिरफ्तार किया था. उससे पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ.
कुछ ही दिनों में पुलिस ने तीन और संदिग्धों को गिरफ्तार किया और शनिवार को सात और लोगों को पकड़ा.
इस मामले की जांच नारकेलडांगा थाने के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद अब्बासुद्दीन बिस्वास की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी.
साइबर सेल ने बताया कि ठग अलग-अलग लोगों से दस्तावेज इकट्ठा करते थे, उन्हें जाली बनाते थे और फिर उनसे सिम कार्ड बनाकर ठगी करते थे.
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी लोग आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के रहने वाले हैं. सुंदर नाम का एक व्यक्ति इन सातों को पश्चिम बंगाल लाया था, जहां उन्होंने साल्ट लेक में ठिकाना बनाया था.
वहां से वे लोन कंपनी के प्रतिनिधि बनकर ठगी का रैकेट चला रहे थे. पीड़ितों से लाखों रुपये की ठगी और वसूली का आरोप है.
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डीएससी