समुद्र में पांच देशों के साथ भारत के सह्याद्रि व ‘कुलिश’ की अहम भागीदारी

नई दिल्ली, 27 सितंबर . समुद्र में छह देशों की नौसेनाएं एक साथ उतरीं. एक साथ इन नौसेनाओं का आने का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करना रहा. इसी कड़ी में भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने भी फिलीपींस के ‘सुबिक बे’ में आयोजित संयुक्त समुद्री सुरक्षा गतिविधि में हिस्सा लिया.

कई दिनों तक चली यह गतिविधि 21 सितंबर को शुरू हुई थी. इसका आयोजन 23वें आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ कार्य समूह के तहत किया गया. फिलीपींस की नौसेना ने इसकी मेजबानी की. जापान ने सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाई. यहां चार दिन तक अलग-अलग गतिविधियां चलीं. पहले बंदरगाह चरण में नौसैनिकों ने कई अहम विषयों पर विचार साझा किए. इनमें शांति और सुरक्षा, समुद्री संपर्क, वरिष्ठ नौसैनिक नेतृत्व और समुद्री पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल थे.

22 सितंबर को भारतीय नौसैनिकों ने परिचालन तालमेल और मेज-अभ्यास में हिस्सा लिया.

नौसेना के मुताबिक इसके बाद समुद्री चरण की तैयारियां की गईं. इसी दौरान जाम्बालेस के शेफर्ड्स ऑफ द हिल सेंटर में सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम भी हुआ. फिर समुद्र में कई देशों के युद्धपोत एक साथ आगे बढ़े. इसमें भारत, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान और अमेरिका की नौसेनाएं शामिल थीं. समुद्र में कई तरह की परिस्थितियों का अभ्यास किया गया. खोज और बचाव से लेकर चिकित्सा निकासी तक. जल सर्वेक्षण से लेकर समुद्र में फंसे जहाज की मदद तक. यहां ऐसे विभिन्न समुद्री अभ्यास मिशन पूरे किए गए.

विमान को जहाज के डेक पर उतारने का अभ्यास भी हुआ. इन गतिविधियों के दौरान नौसेनाओं ने एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर काम किया. यही इस पूरी गतिविधि की खासियत थी. यहां अलग-अलग देशों के जहाज, अलग-अलग नौसेनाएं मौजूद रहीं लेकिन सबका लक्ष्य समुद्र में एक साथ मिलकर काम करना रहा. अंत में ‘सुबिक बे’ में समारोह के साथ यह गतिविधि पूरी हुई.

भारतीय नौसेना की यह भागीदारी ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और ‘महासागर’ की भावना के अनुरूप रही. इसका उद्देश्य क्षेत्र में समुद्री सहयोग, आपसी समन्वय और सुरक्षा को मजबूत करना है. वहीं शुरुआत से ही इस अभ्यास का फोकस अलग-अलग देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल, पेशेवर संवाद और समुद्र में मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाने पर रहा.

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जीसीबी/एमएस