सीईसी के इस्तीफे की मांग पर अनिल विज का सवाल, फर्जी वोट हटाने के अभियान में गलत क्या?

अंबाला, 27 सितंबर . हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन मुहिम एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के हमलों पर करारा पलटवार किया. विज ने कहा कि ज्ञानेश कुमार अपने संवैधानिक अधिकार के तहत सिर्फ इतना सुनिश्चित कर रहे हैं कि वोटर लिस्ट से फर्जी और अयोग्य नाम हटें और पात्र लोगों को उनका हक मिले, इसमें आपत्ति कैसी?

एसआईआर पर चल रहे विवाद पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बयान पर मंत्री अनिल विज ने कहा, “अब तक वे जहां भी गए हैं, लोगों ने उन्हें वापस भेज दिया है. मैंने कई स्कूलों से रिपोर्ट देखी हैं, जहां लोग उन्हें अंदर नहीं आने दे रहे हैं. अगर उनके पास कोई सुझाव है तो उन्हें अपने तरीके से देना चाहिए, यह उनका अधिकार है लेकिन स्कूलों में जाकर इंस्पेक्शन करना और तमाशा करना अच्छी बात नहीं है.”

सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध पर मंत्री अनिल विज ने कहा, “ज्ञानेश कुमार अपने संवैधानिक अधिकार के तहत काम कर रहे हैं. वह यह सुनिश्चित करने के लिए अभियान चला रहे हैं कि वोटर लिस्ट सही हो, कोई भी अयोग्य व्यक्ति शामिल न हो और जो लोग लिस्ट में शामिल होने के हकदार हैं, उन्हें उनकी सही जगह मिले. इसमें गलत क्या है?”

उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर आप जीते हैं, वे वोटर लिस्ट भी ज्ञानेश कुमार ने ही तैयार की थीं. आपने वहां कभी उनका विरोध नहीं किया. आपने कभी हिमाचल प्रदेश का विरोध नहीं किया और आपने कभी कर्नाटक का विरोध नहीं किया.

अनिल विज ने कहा कि उन्होंने गलत वोटर लिस्ट को ठीक किया है जो लंबे समय से चली आ रही थी. उन्होंने बहुत जरूरी काम किया और यह किसी भी लोकतंत्र के लिए जरूरी है.

एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद पर मंत्री अनिल विज ने कहा, “अगर कोई अयोग्य वोट है, अगर कोई व्यक्ति अब वहां नहीं रहता है, कहीं और चला गया है या उसकी मौत हो गई है, तो उस वोट को डिलीट कर देना चाहिए. अगर ऐसे वोट पहले डिलीट नहीं हो रहे थे, तो यह गलत था.”

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केके/वीसी