
पटना, 27 सितंबर . बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है. चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले इस चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारने शुरू कर दिए हैं. हालांकि, इस बार चुनाव में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही पार्टियों के अंदरूनी समीकरण भी चर्चा में हैं. विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव होना है, उनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी सीटें शामिल हैं.
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण सीटों पर भी चुनाव होना है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, आठों सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी. नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है. 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को कराई जाएगी.
एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे में चार सीटें जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) और चार सीटें भाजपा के हिस्से में गई हैं. जदयू ने अपने हिस्से की सभी चार सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. पार्टी ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक से अभिषेक झा, सारण शिक्षक से आनंद पुष्कर और दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से घनश्याम राय को उम्मीदवार बनाया है.
दूसरी ओर, भाजपा में अपने हिस्से की चार सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम को लेकर मंथन जारी है. शनिवार को हुई प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में भी विधान परिषद चुनाव को लेकर उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा हुई. पार्टी के स्तर पर चार नाम लगभग तय माने जा रहे हैं, हालांकि आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. दरभंगा सीट को लेकर एनडीए का समीकरण इस बार खास तौर पर बदला है. पिछले चुनावों की तुलना में इस बार दरभंगा स्नातक सीट भाजपा के हिस्से में आई है, जबकि दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र जदयू के खाते में गया है.
जदयू ने इस सीट से घनश्याम राय को उम्मीदवार घोषित कर दिया है. ऐसे में दोनों दलों के बीच सीटों का यह बंटवारा दरभंगा में चुनावी मुकाबले को अलग राजनीतिक आयाम दे सकता है. एनडीए के अलावा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जन सुराज ने भी चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. राजद की ओर से अब तक छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर प्रत्याशी उतार दिए हैं.
जन सुराज को तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवार बदलना पड़ा है. पार्टी के घोषित उम्मीदवार भूषण झा द्वारा टिकट लौटाए जाने के बाद अब श्याम नंदन यादव को नया उम्मीदवार बनाया गया है. आठ सीटों पर होने वाला यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें राजनीतिक दलों के साथ-साथ शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ की परीक्षा होगी. नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवारों की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी और इसके साथ ही विभिन्न सीटों पर मुकाबले के समीकरण भी सामने आने लगेंगे.
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एमएनपी/एमएस