
नई दिल्ली, 27 सितंबर . भाजपा नेता जय भगवान गोयल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज की सराहना करते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग की है. उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा है.
जय भगवान गोयल ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची से बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों के नाम हटाने की कार्रवाई की, जिसके कारण पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. अब विपक्ष को लगता है कि चुनाव में मिली हार के पीछे चुनाव आयोग और विशेष रूप से ज्ञानेश कुमार की भूमिका हो सकती है.
भाजपा नेता गोयल ने कहा कि विपक्षी दलों के नेता चुनाव में हार के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सपा सांसद अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई नेता चुनावी परिणामों के लिए चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं. विपक्ष के पास जनता का समर्थन नहीं है, इसलिए वह चुनाव आयोग को निशाना बना रहा है.
भाजपा नेता ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के अन्य चुनाव आयुक्तों के माध्यम से केंद्र सरकार को पत्र भेजकर ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर शिकायत की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी मनमर्जी से फैसले लेते हैं.
गोयल ने चुनाव आयोग में निर्णय लेने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग तीन सदस्यों वाला निकाय है और उसके निर्णय सहमति या बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं. उनके अनुसार, यदि किसी विषय पर दो चुनाव आयुक्त एक राय रखते हैं और एक अलग राय रखता है, तो बहुमत का निर्णय मान्य होता है.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और उसके कामकाज को लेकर राजनीतिक दलों को तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए. गोयल ने ज्ञानेश कुमार की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ने मतदाता सूची को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं.
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एसएके/वीसी