
नई दिल्ली, 27 सितंबर . नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में अवैध गांजा (कैनाबिस) की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 61 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली फसल को नष्ट कर दिया है. यह अभियान दुर्गम और ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में लगातार चलाया जा रहा है.
एनसीबी ने बताया कि यह संयुक्त अभियान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य वन विभाग के सहयोग से चलाया जा रहा है. टीमें कठिन पर्वतीय इलाकों में पहुंचकर अवैध खेती को नष्ट कर रही हैं.
अभियान के दौरान पूरी कार्रवाई को जियो-टैगिंग, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के जरिए दस्तावेजीकृत किया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध हो. अधिकारियों ने कहा कि अवैध खेती के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
एनसीबी के अनुसार, यह अभियान केंद्र सरकार के ‘विजन डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल (2026-29)’ के तहत चलाया जा रहा है. इस विजन का उद्देश्य ‘नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य को हासिल करना है. इसके तहत केंद्रीय और राज्य एजेंसियां समन्वित तरीके से मादक पदार्थों की अवैध खेती को स्रोत पर ही खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही हैं.
एनसीबी हाल के दिनों में मादक पदार्थों के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कस रही है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में वर्ष 2021 में पकड़ी गई 441 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में विशेष एनडीपीएस अदालत ने नौ तस्करों को 20 से 10 साल तक के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है. जांच के दौरान दोषियों की 32.12 लाख रुपये की संपत्तियां भी फ्रीज की गई थीं और पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई.
एनसीबी ने कहा कि 4 नवंबर, 2021 को फिरोजाबाद के शिकोहाबाद पुलिस स्टेशन ने एक ट्रक से 441 किलोग्राम गांजा ज़ब्त किया. रिंकू शर्मा (को-ड्राइवर) और पंकज शर्मा (ड्राइवर) को प्रतिबंधित सामान के साथ मौके पर ही गिरफ़्तार कर लिया गया था.
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डीएससी