
बालाघाट, 29 सितंबर . मध्य प्रदेश के प्रमुख आदिवासी नेता उमंग सिंघार ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी 1 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का दौरा करेंगे. वे जिले में स्वास्थ्य संकट के दौरान जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे.
सिंघार ने कहा कि राहुल गांधी बैहर और बिरसा के प्रभावित आदिवासी इलाकों का दौरा करेंगे और जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए मारे गए बच्चों के परिवारों से मिलेंगे.
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सिंघार ने से कहा, “मध्य प्रदेश सरकार लापरवाह हो गई है. 22 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत हो चुकी है और राहुल गांधी जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे.”
यह दौरा बालाघाट के दूरदराज के गांवों में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर चिंता के बीच हो रहा है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में 20 बच्चों की मौत हुई है. इन मौतों ने आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवा, पोषण और इलाज की सुविधा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक केंद्रीय ‘नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम’ ने 196 मामलों की जांच की, जिनमें 10 साल से कम उम्र के 156 बच्चे शामिल थे.
जांच में किसी एक बीमारी के बजाय कई स्वास्थ्य संबंधी वजहें सामने आईं. जांचे गए 64 सैंपल में से 25 में खसरा (मीजल्स) की पुष्टि हुई, जबकि 32 मरीजों में से 27 में मलेरिया पाया गया. इन मौतों की वजह से मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदायों की सेहत और पोषण पर फिर से ध्यान दिया जा रहा है.
खास बात यह है कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की आबादी में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) की हिस्सेदारी लगभग 21 प्रतिशत है और राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं.
बालाघाट महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा हुआ एक आदिवासी बहुल और जंगली इलाका है, जो कई सालों तक मध्य प्रदेश के मुख्य नक्सल-प्रभावित इलाकों में से एक रहा है. हाल ही में बालाघाट में सुरक्षा अभियानों और नक्सलियों के सरेंडर के बाद राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश को नक्सल-मुक्त घोषित किया है.
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं. विपक्ष के नेता गांधी का बालाघाट दौरा, मध्य प्रदेश के उनके पिछले दौरे के 13 दिन बाद होगा. उन्होंने 19 सितंबर को इंदौर का दौरा किया था और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने छात्रों, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए थे.
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एएसएच/वीसी