भाजपा नेताओं का अखिलेश पर तंज, बोले- यूपी में लाल टोपी गुंडागर्दी, अराजकता और भ्रष्टाचार का प्रतीक

लखनऊ, 30 सितंबर . उत्तर प्रदेश के मंत्री दयाशंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी में लाल टोपी अब कथित तौर पर गुंडागर्दी, अराजकता और भ्रष्टाचार के प्रतीक के रूप में देखी जाती है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अब भगवा रंग अपना रहे हैं, क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि जनता लाल टोपी को पसंद नहीं करती है.

यूपी सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग लाल रंग को समाजवादी पार्टी से जोड़कर देखते हैं. जब समाजवादी पार्टी का कोई कार्यकर्ता लाल टोपी पहनकर सामने आता है तो लोगों में भय का माहौल बनता है.

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत भगवा रंग को खुशहाली और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. इसी वजह से अखिलेश यादव ने अपने प्रचार रथ को भी भगवा रंग में रंगवाया है.

वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की चौधरी चरण सिंह को लेकर की गई टिप्पणी पर मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा किसानों का अपमान किया है.

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों ने मुजफ्फरनगर जैसे दंगों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का सामना किया.

भूपेंद्र सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का क्षेत्र दंगों, लूटपाट और खराब कानून-व्यवस्था से प्रभावित रहा. इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव इस तरह के बयान दे रहे हैं.

विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों पर भी भूपेंद्र सिंह चौधरी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के पक्ष में मिले जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में हार के बाद विपक्ष ईवीएम, संवैधानिक संस्थाओं और पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठाता है.

अखिलेश यादव की हरे और लाल रंग को लेकर की गई टिप्पणी पर भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी के राजनीतिक इतिहास से परिचित है.

उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में उसके कार्यकर्ताओं पर गुंडागर्दी, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और जमीनों पर कब्जे जैसे आरोप लगते रहे हैं. जनता इन घटनाओं को भूली नहीं है.

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एसएके/डीकेपी