
जम्मू, 1 अक्टूबर . भारतीय सेना की 26 राष्ट्रीय राइफल्स ने जम्मू संभाग के डोडा और किश्तवाड़ के दूर-दराज और पिछड़े इलाकों के 30 छात्रों के लिए एक हफ्ते तक चलने वाला ‘राष्ट्रीय एकता’ दौरा पूरा किया. यह दौरा 22 से 30 सितंबर तक आयोजित किया गया था. देर रात छात्रों की वापसी के बाद, 9 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडर ब्रिगेडियर विक्रांत शिंदे ने इस दौरे का समापन किया.
इस पहल का मकसद दूर-दराज इलाकों के छात्रों को भारत की विविध संस्कृति, तकनीकी तरक्की और विकास कार्यों से रूबरू कराना था, साथ ही राष्ट्रीय एकता और युवाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना भी था. कई छात्रों के लिए यह अपने जिलों से बाहर यात्रा करने का पहला मौका था. दौरे के दौरान, उन्होंने अमृतसर, जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली का दौरा किया, जिसमें राष्ट्रपति भवन भी शामिल था, जहां उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का मौका भी मिला.
दौरे से लौटने के बाद छात्रा दीपिका ने से कहा कि अनुभव बहुत अच्छा रहा और उन्हें ऐसी कई जगहों पर जाने का मौका मिला, जिन्हें उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था. उन्होंने इतना कीमती मौका देने के लिए भारतीय सेना का शुक्रिया अदा किया. दीपिका ने कहा, “बहुत कम ही बच्चों को यह अवसर मिलता है कि वे इस तरह के दौरों पर जाएं. मैंने खुद कभी अपने जिले से बाहर कदम नहीं रखे थे. इस दौरे के कारण मेरा अपने जिले से बाहर जाना हुआ.”
दीपिका ने कहा कि हम भारतीय सेना के बारे में जितना भी कहें, वो कम है. हम सभी उनका शुक्रिया अदा करना चाहते हैं.
एक और छात्रा, जानवी ने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर से बाहर उनकी पहली यात्रा थी. उन्होंने इस दौरे को सीखने का एक कीमती अनुभव बताया और कहा कि उन्हें कई नई चीजें सीखने का मौका मिला. उन्होंने कहा, “मुझे यह जानकर खुशी हुई थी कि मेरा इस दौरे के लिए चयन हुआ है. सभी छात्र-छात्राएं खुश थे, क्योंकि यह जिले से बाहर घूमने का अवसर था.”
जानवी ने कहा कि हम लोग अमृतसर, चंडीगढ़ और दिल्ली घूमने गए. हमने राष्ट्रपति भवन का दौरा किया और राष्ट्रपति से भी मुलाकात की. हमारे लिए यह बिल्कुल फ्री यात्रा थी.
छात्रों की वापसी के बाद, 9 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडर ब्रिगेडियर विक्रांत शिंदे ने उनसे बातचीत की, उनकी भागीदारी की तारीफ की और उन्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने और परीक्षाओं की अच्छी तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित किया.
उन्होंने छात्रों से कहा कि देश भर में कई मौके मौजूद हैं और उनसे कड़ी मेहनत करने, ध्यान केंद्रित रखने और आगे आने वाले मौकों का पूरा फायदा उठाने का आग्रह किया.
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डीसीएच/