भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद, सेंसेक्स 460 अंक फिसला

मुंबई, 22 अक्टूबर . भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ. दिन के अंत में सेंसेक्स 460.30 अंक या 0.62 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 73,249.39 और निफ्टी 123.70 अंक या 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 पर बंद हुआ.

बाजार पर दबाव बनाने का काम मीडिया, एफएमसीजी और डिफेंस स्टॉक्स ने किया.

सूचकांकों में निफ्टी मीडिया (2.35 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (1.41 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.21 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (1.05 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (1.05 प्रतिशत) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.96 प्रतिशत) में सबसे अधिक दबाव देखा गया.

हालांकि, निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी हेल्थकेयर बढ़त के साथ बंद हुए.

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में अधिक दबाव देखा गया. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 501.90 अंक या 0.87 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 57,063.95 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 211.40 अंक या 1.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 18,275.90 पर बंद हुआ.

सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, एसबीआई, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा, एचसीएल टेक और बजाज फिनसर्व हरे निशान में बंद हुए. इटरनल , एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, ट्रेंट, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, आईटीसी, बीएसई, एमएंडएम, टीसीएस, एलएंडटी, एचयूएल, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टाइटन, इंडिगो, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक लूजर्स थे.

जानकारों ने कहा कि गुरुवार को बाजार दबाव में रहे और लगातार तीसरे सत्र में इनमें गिरावट दर्ज की गई. इसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव रहे. निचले स्तर पर खुलने के बाद, प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला. हालांकि निचले स्तरों से बीच-बीच में हुई खरीदारी से थोड़ी राहत जरूर मिली. परिणामस्वरूप निफ्टी में आधे प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और यह 22,665.80 के स्तर पर बंद हुआ, जो बाजार की धारणा में बनी हुई कमजोरी को दर्शाता है.

उन्होंने आगे कहा कि सेक्टर के स्तर पर देखें तो बिकवाली व्यापक रही, जिसमें एफएमसीजी, आईटी और एनर्जी सेक्टर सबसे ज्यादा कमजोर रहे. व्यापक बाजारों का प्रदर्शन भी कमजोर बना रहा, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स, दोनों में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई. बाजार के सभी हिस्सों में लगातार कमजोरी यह दिखाती है कि निवेशकों में जोखिम लेने को लेकर काफी हिचकिचाहट है और प्रमुख शेयरों के अलावा अन्य शेयरों में भी लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है.

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एबीएस