
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर . केंद्रीय कानून व न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “एसआईआर का मुद्दा बिहार से शुरू हुआ था और इस पर लोकसभा और राज्यसभा में भी चर्चा हो चुकी है. इस पर पहले ही विस्तार से बातचीत हो चुकी है. हमने बार-बार कहा है कि देश में एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है. जब आप (विपक्ष) एसआईआर कराते हैं तो वह स्वीकार्य होता है लेकिन जब हम ऐसा करते हैं तो वह गलत हो जाता है. इस तरह का बर्ताव स्वीकार्य नहीं है.”
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “यह एक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश है, झूठ बोलो और भाग जाओ. कभी-कभी, ऐसा झूठा नैरेटिव गढ़ने से उन्हें फायदा भी होता है. उदाहरण के लिए, 2024 के चुनावों के दौरान उन्होंने यह झूठा नैरेटिव फैलाया कि अगर भाजपा सत्ता में वापस आती है, तो वह संविधान बदल देगी. यह बात गलत थी. उन्होंने (विपक्ष) यह भी दावा किया कि अगर भाजपा सत्ता में वापस आती है, तो वह आरक्षण खत्म कर देगी. यह भी गलत था.”
उन्होने कहा, “विपक्ष लोगों के बीच कड़ी मेहनत करने के बजाय, इस तरह के झूठे नैरेटिव गढ़कर फायदा उठाना चाहता है. अगर ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) कोई मुद्दा होता, तो केरल में कांग्रेस नेता यह न कहते कि इसके बिना वे चुनाव नहीं जीत पाते. केरल के नेताओं ने कहा है कि वे एसआईआर की वजह से जीते हैं. राहुल गांधी को यह बात समझनी चाहिए और उनके बयानों पर ध्यान देना चाहिए.”
अर्जुन राम मेघवाल ने विज्ञान भवन में विधि आयोग के राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लिया. इसे लेकर उन्होंने कहा, “यह कमियों का सवाल नहीं है. सहकारी संघवाद की परिभाषा और व्याख्या को लेकर अलग-अलग लोगों के अपने-अपने विचार हैं. आज की कार्यशाला में सही दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. हम पूरे दिन इस बात पर चर्चा करेंगे कि भारत के संघीय ढांचे को लेकर संविधान निर्माताओं की क्या सोच थी. तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.”
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एसडी/पीएम