इंडी गठबंधन की बैठक पर भाजपा का हमला, कहा-‘विपक्ष के पास कोई ठोस योजना नहीं’

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने इंडी गठबंधन की वर्चुअल बैठक को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है. भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना, सांसद रघुनंदन राव और पार्टी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता, नेतृत्व और भविष्य की योजनाओं पर सवाल उठाए. भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास देश के भविष्य को लेकर कोई ठोस योजना नहीं है और चुनाव में हार मिलने पर वह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को दोष देने लगता है.

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने इंडी गठबंधन की वर्चुअल बैठक पर कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोग हताश हैं. पहले जम्मू-कश्मीर में 5 हजार-10 हजार वोटों पर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद बनते थे. यहां केवल दो ही चुनाव सही तरीके से करवाए गए हैं. एक मोरारजी देसाई जी ने 1970 में करवाया था और एक नरेंद्र मोदी ने कराया, जिसमें उमर अब्दुल्ला जीतकर आए हैं. ये जम्मू-कश्मीर में जीतते हैं तो ईवीएम सही है, हिमाचल में जीतते हैं, तो वाहं भी ईवीएम सही है, पंजाब, कर्नाटक और तेंलगाना सहित जितने भी राज्यों में ये जीतते हैं, वहां ईवीएम सही रहता है. हम लोग इनको पंसद नहीं कर रहे हैं तो क्या कर सकते हैं.

भाजपा सांसद रघुनंदन राव ने कहा कि इंडी गठबंधन की बैठक में केवल चाय पर मिलते हैं और फिर चले जाते हैं. ‘इंडी’ गठबंधन के पास कोई भविष्य की योजना नहीं है. वे बस एक साथ बैठते हैं और उस समय उनके दिमाग में जो भी बेतुका विचार आता है, उसी के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं. उनके पास कोई ठोस योजना नहीं है, और न ही कोई ऐसा नेता है जो देश के भविष्य के बारे में सोचे. हर कोई वहां सिर्फ आता है और अपने फायदे के लिए आता है और फिर चला जाता है. यह कोई असली गठबंधन नहीं है और इससे कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है.

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि पहले ये लोग यह पता कर लें कि इनका अगला प्रधानमंत्री कौन होगा. इससे पहले ये लोग मान लें कि इसका नेतृत्व कौन करेगा क्योंकि हर नेता अगल-अलग बातें बोल रहा है. अखिलेश यादव और ममता बनर्जी राहुल गांधी को अपना नेता नहीं मानते हैं है. अब जब खुद ममता बनर्जी के पास पावर नहीं है तो इनको कांग्रेस पार्टी दिख रही है. उन्होंने कहा कि जब ये लोग जीत नहीं पाते हैं तो ईवीएम को दोष देते हैं. बैठक में चर्चा होगी कि देश में गलत जानकारी फैलाई जाए और कैसे लोगों को गुमराह किया जाए जिससे भारत आगे न बढ़ पाए. इस सब पर ही विपक्ष चर्चा करेगा, इससे ज्यादा वे लोग कुछ नहीं कर सकते हैं.

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एसएके/पीएम