
मुंबई, 22 अक्टूबर . उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में अपनी प्रस्तुति को लेकर हुए विवाद के बाद अभिनेत्री और गायिका इला अरुण गायक दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आई हैं.
उन्होंने इस घटना को अपमानजनक और निंदनीय बताया. इला ने गुरुवार को से खास बातचीत में कहा कि मनोरंजन उद्योग, दर्शक और संगीत जगत के लोग इस बात से बेहद दुखी और नाराज हैं कि मंच पर गायक के साथ कथित तौर पर कैसा बर्ताव किया गया.
उन्होंने कहा, “हमारा फिल्म उद्योग, दर्शक और संगीत जगत के लोग बहुत दुखी और नाराज हैं. दलेर मेहंदी हमारे लिए सिर्फ एक करीबी दोस्त ही नहीं, बल्कि भाई की तरह हैं. वह एक दिग्गज कलाकार हैं. सूफी और पंजाबी संगीत को लोकप्रिय बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है. हमें ठीक-ठीक नहीं पता कि वहां क्या हुआ, लेकिन उन पर जो आरोप लगाए गए और जिस तरह से उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया या उनसे बात की गई, वह बिल्कुल सही नहीं था.”
इला ने कहा कि अगर आयोजकों या प्रायोजकों को गायक की तबीयत को लेकर कोई चिंता थी तो वे मंच पर सबके सामने बात करने के बजाय उनके सचिव से निजी तौर पर बात करके इस मामले को सुलझा सकते थे.
उन्होंने कहा, “अगर आयोजकों या प्रायोजकों को कोई चिंता थी तो वे उनके सचिव को बुलाकर निजी तौर पर बात कर सकते थे. वे कह सकते थे कि शायद वह परफॉर्म करने की स्थिति में नहीं हैं. यह आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसी स्थितियों को सही ढंग से संभालें और सभी का ख्याल रखें.”
कलाकारों को स्वभाव से संवेदनशील बताते हुए इला ने कहा कि इस घटना से उन्हें गहरा सदमा लगा है और वह बहुत दुखी हैं. उन्होंने गायक की सेहत को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इस स्थिति के गंभीर परिणाम हो सकते थे.
उन्होंने कहा, “मंच पर उनके साथ जो हुआ, वह अपमानजनक और बेहद निंदनीय है. इस तरह के बर्ताव का कोई औचित्य नहीं है. आयोजकों को जो भी चिंताएं या असहमति थी, उसे निजी तौर पर पर्दे के पीछे सुलझाया जा सकता था. दलेर भाईजी के लाखों प्रशंसक और फॉलोअर्स हैं. अगर उन्हें हार्ट अटैक आ जाता तो क्या होता? वह इतने महान कलाकार हैं.”
गायिका ने आगे कहा कि भले ही किसी कलाकार को तबीयत ठीक न होने पर परफॉर्म नहीं करना चाहिए, लेकिन इस स्थिति को और अधिक सम्मानजनक तरीके से संभाला जाना चाहिए था. “हम मानते हैं कि अगर उनकी तबीयत ठीक नहीं थी तो उन्हें मंच पर नहीं जाना चाहिए था, लेकिन जिस तरह से इस स्थिति को संभाला गया, वह बिल्कुल सही नहीं था.”
दलेर से सीखी गई बातों को याद करते हुए इला ने बताया कि उन्होंने उन्हें सम्मान का महत्व और एक कलाकार का दर्शकों के साथ जो रिश्ता होता है, उसकी अहमियत सिखाई है. उन्होंने कहा, “मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है. उन्होंने मुझे सिखाया है कि सम्मान सबसे जरूरी चीज है और एक कलाकार के लिए सबसे बड़ी दौलत उसके दर्शकों और सुनने वालों का प्यार है. अगर कभी ऐसी स्थिति आए तो इंसान को अपने आत्म-सम्मान से समझौता नहीं करना चाहिए और ऐसे में परफॉर्म न करने का फैसला लेना चाहिए, लेकिन उनके साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया, उससे हम बेहद नाराज हैं.”
गायक के प्रति अपनी संवेदना जताते हुए इला ने आगे कहा, “मैं दलेर से कहना चाहूंगी कि आप इसे दिल पर न लें. आपका दिल बहुत बड़ा है. आपका अपमान हमारा अपमान है. हम आपके साथ खड़े हैं.”
बता दें कि 18 अक्टूबर को दलेर मेहंदी उत्तराखंड के टिहरी जिले में कुंजापुरी मेले में परफॉर्म कर रहे थे, तभी उनके कार्यक्रम में रुकावट डाली गई. बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल ने उन्हें परफॉर्म करने से रोक दिया. उनका आरोप था कि देवी दुर्गा को समर्पित इस कार्यक्रम में दलेर मेहंदी शराब पीकर मंच पर आए थे.
इस घटना पर मनोरंजन जगत के लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया है और जिस तरह से उनके साथ सबके सामने बर्ताव किया गया, उस पर चिंता जताई है.
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डीके/डीकेपी