मेघालय: शिलांग में ईडी दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला, दो दिनों में सरकारी इमारतों पर दूसरा हमला, जांच में जुटी पुलिस

शिलांग, 22 अक्टूबर . मेघालय की राजधानी शिलांग में मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लोगों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय वाली इमारत पर पेट्रोल बम फेंके. शहर में सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए जा रहे संदिग्ध हमलों में यह ताजा घटना है.

यह घटना पूर्वी खासी हिल्स जिले के लैंगकिर्डिंग इलाके में तड़के हुई. पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि इमारत के ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

पुलिस अधिकारी के अनुसार, इमारत के अंदर तैनात सुरक्षा गार्ड को गुरुवार सुबह तक इस घटना की जानकारी नहीं थी. पुलिस संदिग्धों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और इस हमले के संबंध में मामला दर्ज किया जा रहा है. सिएम ने बताया कि इलाके में गश्त भी बढ़ा दी गई है.

यह घटना शिलांग के लैतुमखराह इलाके में स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पर हुए इसी तरह के हमले के एक दिन बाद हुई है, जिससे सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं. हाल के महीनों में शिलांग में पेट्रोल बम से हमले और आगजनी की कई घटनाएं सामने आई हैं.

पुलिस के अनुसार, 20 अक्टूबर को केन्च ट्रेस, कीटिंग रोड और लैतुमखराह में पेट्रोल बम से हमले की तीन संदिग्ध घटनाएं सामने आईं. इन हमलों के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और पूरे शहर में निगरानी बढ़ा दी है.

सितंबर में सरकारी कार्यालयों, पुलिस परिसरों और वाहनों को निशाना बनाकर कई हमले किए गए थे. पेट्रोल बम और आगजनी की घटनाओं से प्रभावित स्थानों में खनिज संसाधन निदेशालय, लुमडिएंगजरी पुलिस स्टेशन, स्वास्थ्य सेवा निदेशालय और नोंगमाइनसोंग में एक पुलिस बूथ शामिल थे.

सितंबर में हुए इन हमलों के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की, गश्त बढ़ाई और दोषियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की.

इससे पहले अगस्त में खासी स्टूडेंट्स यूनियन की रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद बढ़े तनाव के बीच, कुछ उपद्रवियों ने शिलांग में नेशनल पीपुल्स पार्टी के कार्यालय और नोंगमाइनसोंग में एक पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंके थे.

पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि हाल की ये घटनाएं आपस में जुड़ी हैं या नहीं, और न ही इन हमलों के पीछे के किसी साझा मकसद का पता चला है.

अधिकारी दोषियों की पहचान करने और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश कर रहे हैं.

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एससीएच/डीकेपी