
खूंटी, 23 अक्टूबर . झारखंड के खूंटी में आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक संत मिखाइल चर्च से जुड़े फादर बेनेडिक्ट बारला पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया है, जबकि चौथे आरोपी की तलाश जारी है. इस घटना को लेकर खूंटी में जनाक्रोश बढ़ गया था.
पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी इसी स्कूल के पूर्व छात्र हैं और मेला घूमने के लिए पैसे चुराने के इरादे से स्कूल परिसर में घुसे थे. इसी दौरान अचानक फादर बारला के पहुंचने पर पकड़े जाने के डर से एक आरोपी ने छोटे कुदाल जैसे हथियार से उनके माथे और कनपटी पर वार कर दिया. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 85,747 रुपये नकद, मोबाइल फोन और चोरी के पैसों से खरीदे गए कई सामान बरामद किए हैं.
खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटना के बाद एसआईटी का गठन किया गया था. तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर यह टीम आरोपियों तक पहुंची. निरुद्ध किए गए तीनों नाबालिगों की उम्र 13, 14 और 15 वर्ष है. चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी उम्र और भूमिका स्पष्ट हो सकेगी.
एसपी के मुताबिक, 20 अक्टूबर की रात करीब साढ़े आठ बजे चारों नाबालिग स्कूल परिसर में पहुंचे थे. वे मेला घूमने के लिए रुपये चुराना चाहते थे. इसी दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक फादर बारला वहां पहुंच गए. आरोपियों का उनसे सामना हुआ तो विवाद बढ़ गया और एक नाबालिग ने छोटे कुदाल जैसे हथियार से उनके माथे और कनपटी पर हमला कर दिया.
फादर के घायल होकर गिरने के बाद आरोपी स्कूल कार्यालय से सामान लेकर फरार हो गए. पुलिस के अनुसार, पूरी वारदात करीब आधे घंटे में हुई. फादर बारला 21 अक्टूबर की सुबह स्कूल परिसर में गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिले थे. उन्हें रांची के पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
पुलिस को 21 अक्टूबर की सुबह करीब 8:45 बजे घटना की सूचना मिली थी. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल टावर से जुड़े तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण किया. इसी दौरान एक संदिग्ध मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लगा.
पूछताछ में पहले आरोपी ने दो अन्य नाबालिगों के बारे में जानकारी दी. बाद में उनकी निशानदेही पर जंगल में जमीन के भीतर छिपाए गए मोबाइल फोन और रुपये बरामद किए गए. आरोपियों ने चोरी की रकम से कुछ सामान ऑनलाइन और कुछ बाजार से खरीदा, जबकि बाकी रुपये अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिए थे.
एसपी ने बताया कि चारों आरोपी इसी स्कूल से सातवीं कक्षा पास कर चुके हैं और पहले हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते थे. फादर बारला पर हमले के बाद खूंटी में विरोध प्रदर्शन हुए थे. शुक्रवार को मसीही समुदाय और स्थानीय लोगों ने मौन जुलूस निकालकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. घटना के बाद सड़क जाम भी हुआ था.
–
एसएनसी/एएसएच