
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर . जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में लिखे गए विवादित नारों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में सरकार विरोधी नारों और जेल में बंद शरजील इमाम के समर्थन में कथित तौर पर लिखे गए नारों की निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. साथ ही उन्होंने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं पर शरजील इमाम को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया.
विनोद बंसल ने कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया देश की राजधानी में स्थित एक प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय है. पिछले कई वर्षों से इस शिक्षण संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें होती रही हैं. हालिया विवादित नारों से एक बार फिर विश्वविद्यालय के माहौल को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. बंसल ने ‘फ्री कश्मीर’ जैसे नारों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा. उन्होंने परिसर में ‘गो बैक आरएसएस’ और ‘गो बैक वीसी’ जैसे नारों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि केवल नारे लगाने से किसी को हटाया नहीं जा सकता.
वीएचपी प्रवक्ता ने विश्वविद्यालय प्रशासन से ऐसे लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की, जिनके बारे में उनका आरोप है कि वे देशविरोधी मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं.
बंसल ने कांग्रेस नेताओं पर शरजील इमाम के समर्थन में राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि किसी जेल में बंद व्यक्ति के पक्ष में लगातार महिमामंडन करना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं पर ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण और समर्थन देने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि भारत के संविधान, लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. उन्होंने ऐसे नारों की निंदा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए.
वीएचपी प्रवक्ता ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि क्या सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे अपने नेताओं के कथित बयानों से सहमत हैं. उन्होंने पूछा कि क्या किसी आरोपी को राजनीतिक दबाव के जरिए समर्थन मिलना चाहिए. बंसल ने कांग्रेस से इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने और माफी मांगने की मांग की.
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